Azam Khan Convicted : आजम खान को एक और केस में झटका, विवादित बयान मामले में कोर्ट ने माना दोषी

उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और अब रामपुर की विशेष अदालत ने उन्हें एक पुराने जहरीले भाषण के मामले में दोषी करार दे दिया है; लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फैसले के बाद आजम खान को अधिकतम कितने साल की जेल हो सकती है और क्या उनकी बची हुई राजनीतिक उम्मीदें भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

Azam Khan Convicted

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

Azam Khan Convicted :  समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और उत्तर प्रदेश की राजनीति के कद्दावर नेता आजम खान की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक मुकदमों का सामना कर रहे आजम खान को रामपुर की एक स्थानीय अदालत से फिर से एक बहुत बड़ा झटका लगा है।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान दिए गए उनके बेहद चर्चित और विवादित ‘तंखाइया’ वाले हेट स्पीच (Acrobatic Speech) मामले में रामपुर की विशेष अदालत ने उन्हें पूर्ण रूप से दोषी करार दिया है। रामपुर की एमपी-एमएलए (MP-MLAs) विशेष कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी कानूनी बहस और दलीलें सुनने के बाद इस संवेदनशील मामले की सुनवाई पूरी करते हुए खान के खिलाफ यह बड़ा फैसला सुनाया।

तत्कालीन जिलाधिकारी पर अमर्यादित टिप्पणी और धमकी देने का है पूरा मामला

यह पूरा आपराधिक मामला वर्ष 2019 में देश में हुए आम लोकसभा चुनाव के गरमा-गरम प्रचार के दौरान रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (डीएम) आंजनेय कुमार सिंह पर की गई एक कथित आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। आजम खान पर अभियोजन पक्ष द्वारा यह गंभीर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशासनिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर तत्कालीन डीएम को लेकर खुलेआम विवादित, अपमानजनक और धमकी भरा राजनीतिक बयान दिया था।

इस बेहद तीखे बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन समेत भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

चुनाव प्रचार के दौरान दिया था ‘जूते साफ कराने’ वाला बेहद विवादित बयान

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2019 के उस बहुचर्चित लोकसभा चुनाव में आजम खान रामपुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (गठबंधन) के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। इसी चुनावी अभियान के दौरान वे रामपुर जिले के भोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक इलाके में जनसभा और चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान वहां मंच से दिया गया उनका एक राजनीतिक भाषण देशव्यापी स्तर पर काफी वायरल हुआ था, जिसने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।

अपने उस वायरल भाषण में आजम खान ने जिले के तत्कालीन कलेक्टर पर तीखा व्यक्तिगत निशाना साधते हुए कहा था कि ‘ये सरकारी तनखइया हैं, इनसे बिल्कुल मत डरियो। हमने उन्हीं के साथ गठबंधन किया है, जो इनसे जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव जीतने के बाद हम भी इनसे अपने जूते साफ कराऊंगा।’ इस तीखे भाषण के दौरान उन्होंने परोक्ष रूप से बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रशासनिक कार्यशैली का भी विशेष जिक्र किया था।

एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने गवाहों और सबूतों के आधार पर माना दोषी

तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी पर दिए गए इस विवादित और बेहद आपत्तिजनक बयान के तुरंत बाद भोट थाने में आजम खान के खिलाफ हेट स्पीच (नफरती भाषण) और आदर्श चुनाव आचार संहिता के खुले उल्लंघन की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले की न्यायिक सुनवाई रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए (MP/MLA) कोर्ट में पिछले कई वर्षों से लगातार और बेहद विस्तृत ढंग से चल रही थी। अदालत में मुकदमे की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ वकीलों ने अपनी-अपनी मजबूत दलीलें पेश कीं और सरकारी गवाहों के बयान भी कलमबद्ध किए गए। सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और वीडियो फुटेज का बारीकी से अवलोकन करने के बाद विशेष मैजिस्ट्रेट अदालत ने अंततः आजम खान को इस मामले में आचार संहिता के उल्लंघन का मुख्य दोषी पाया।

अदालत ने सुनाया दो साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने का फैसला

रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के मैजिस्ट्रेट ट्रायल शोभित बंसल की पीठ ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषी करार दिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से 2 साल की सश्रम कारावास (जेल) की सजा का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही, न्यायपीठ ने कानून के प्रावधानों के तहत उन पर 5000 रुपये का नगद आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में सजा की अवधि को नियमानुसार कुछ दिनों के लिए और बढ़ाया जा सकता है। अदालत का यह फैसला आते ही कोर्ट परिसर के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया था।

जेल में बंद आजम खान के राजनीतिक भविष्य और परिवार की बढ़ीं चिंताएं

उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान इस नए मामले से पहले भी रामपुर और लखनऊ की विभिन्न अदालतों द्वारा कई अन्य गंभीर आपराधिक मुकदमों (जैसे डूंगरपुर प्रकरण, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और हेट स्पीच) में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें लंबी सजाएं मिल चुकी हैं। वर्तमान समय में वे उत्तर प्रदेश की जेल में बंद हैं और सलाखों के पीछे से ही अपने खिलाफ चल रहे अन्य विभिन्न मुकदमों की अदालती सुनवाई का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में रामपुर कोर्ट की तरफ से आए इस नए दंडात्मक फैसले ने न केवल आजम खान बल्कि उनके पूरे परिवार और समर्थकों की राजनीतिक व कानूनी चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे उनका राजनैतिक भविष्य दांव पर लग गया है।

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