UP News: दो पैन कार्ड मामले में आजम और अब्दुल्ला को राहत नहीं, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश के दिग्गज सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में उनकी 7-7 साल की सजा के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उन पर लगा जुर्माना भी बरकरार रहेगा। अब आजम खान की टीम हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रही है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के कद्दावर चेहरा माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम की सजा के खिलाफ दाखिल की गई अपील को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मामला दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने से जुड़ा है, जिसमें निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। इस फैसले के बाद अब दोनों नेताओं को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा, जो आगामी पंचायत चुनावों से पहले सपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक आघात माना जा रहा है।

सेशन कोर्ट का फैसला और कानूनी झटका

बताते चले कि, रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट और न्यायिक कार्यवाही के दौरान न्यायाधीश ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की दलीलों को अपर्याप्त माना। इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोहरे पैन कार्ड रखने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप में दोनों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। सत्र न्यायालय द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद अब सजा की निरंतरता और जेल प्रवास जारी रहेगा, जिससे उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है।

आजम खान का जेल सफरनामा

सपा नेता आजम खान का कानूनी संघर्ष काफी लंबा रहा है। वह लंबे अंतराल के बाद सितंबर 2025 में कारागार से मुक्त हुए थे, लेकिन उनकी यह आजादी बहुत कम समय के लिए रही। रिहाई के बाद की कानूनी चुनौतियां उनके लिए तब और बढ़ गईं जब 18 नवंबर 2025 को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पैन कार्ड मामले में सजा का ऐलान कर दिया। महज 55 दिन बाहर रहने के बाद उन्हें फिर से रामपुर जेल जाना पड़ा। वर्तमान में रामपुर जेल में बंद आजम और अब्दुल्ला इस उम्मीद में थे कि सेशन कोर्ट से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अदालत के कड़े रुख ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

हाईकोर्ट जाने की तैयारी

सेशन कोर्ट से झटका लगने के बाद अब आजम खान की लीगल टीम सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आजम खान के वकील और उच्च न्यायालय की शरण लेने की योजना बना रहे हैं। जल्द ही सत्र न्यायालय के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। अब्दुल्ला आजम की दोषसिद्धि और कानूनी विकल्प को लेकर भी वकीलों ने दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट से राहत मिलना ही अब आजम खान के राजनीतिक भविष्य और आगामी चुनावों में उनकी भागीदारी के लिए अंतिम उम्मीद बची है।

क्या है ‘डबल पैन कार्ड’ विवाद?

यह विवाद मुख्य रूप से वर्ष 2019 में दर्ज हुई एक एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि अब्दुल्ला आजम और फर्जी दस्तावेज (Abdullah Azam and forged documents) का सहारा लेकर दो अलग-अलग जन्मतिथियों और विवरणों वाले पैन कार्ड बनवाए गए थे। इस साजिश में उनके पिता आजम खान को भी मुख्य आरोपी बनाया गया था। धोखाधड़ी और दस्तावेजों का दुरुपयोग (Forgery and misuse of documents) साबित होने पर नवंबर 2025 में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा किया गया एक गंभीर अपराध है, जिसके आधार पर कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई।