Ram Navami 2026: “भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला…” की गूँज के बीच आज धर्मनगरी अयोध्या पूरी तरह राममय हो चुकी है। गोस्वामी तुलसीदास जी की पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए, चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मधु मास की पावन बेला में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का अवतरण हो रहा है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात यह पहली रामनवमी है, जिसे लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह है। शुक्रवार मध्याह्न ठीक 12 बजे पूरी अयोध्या जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठेगी।
मध्याह्न 12 बजे प्रभु का दिव्य प्राकट्योत्सव
शास्त्रों में वर्णित शुभ मुहूर्त के अनुसार, शुक्रवार को ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के अभिषेक और जन्म की महाआरती (Incarnation Ceremony) का आयोजन किया जाएगा। त्रिभुवन के स्वामी के अवतरण की प्रतीक्षा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या की पावन माटी पर एकत्र हुए हैं। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने इस पल को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। भक्त इस दिव्य घड़ी का साक्षी बनने के लिए व्याकुल हैं, जब कनक भवन से लेकर नवनिर्मित मंदिर तक खुशियों की सोहर गाई जाएगी।
पीताम्बरी और स्वर्णाभूषणों से सजेगा रामलला का नूतन विग्रह
इस पावन पर्व पर रामलला विशेष डिजाइनर परिधान और रेशमी वस्त्र (Traditional Silk Attire) धारण करेंगे। उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग के एम्बेसडर मनीष त्रिपाठी द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई खादी की जरीदार पीताम्बरी रामलला के लिए भेजी गई है। इन वस्त्रों पर रेशम के धागों से पारंपरिक हस्तशिल्प की कढ़ाई की गई है। इसके साथ ही, एक श्रद्धालु (जिन्होंने मंदिर का शिखर स्वर्ण मंडित कराया है) द्वारा विशेष स्वर्णाभूषण भी अर्पित किए गए हैं। इन आभूषणों और पीताम्बरी में सजे रामलला का रूप भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देगा।
फूलों की सुगंध से महका गर्भगृह और मंदिर परिसर
चैत्र रामनवमी मेले के उपलक्ष्य में संपूर्ण राम जन्मभूमि परिसर की भव्य सजावट (Temple Beautification & Decoration) की गई है। देर रात तक मंदिर को सुगंधित देशी-विदेशी फूलों से सजाने का कार्य चलता रहा। गर्भगृह में विशेष ‘फूल बंगला’ बनाया गया है, जहाँ पुष्पों की महक के बीच रामलला विराजमान होंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दर्शन की अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि हर भक्त अपने आराध्य की एक झलक पा सके।
लाइव प्रसारण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
जो श्रद्धालु अयोध्या पहुँचने में असमर्थ हैं, उनके लिए भगवान के अभिषेक का सजीव प्रसारण (Live Streaming of Rituals) पूर्वाह्न 10:30 बजे से शुरू हो जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इस उत्सव में चार चाँद लगाने के लिए पद्मश्री मालिनी अवस्थी सहित कई विख्यात कलाकार भव्य ‘बधाई गान’ प्रस्तुत करेंगे। पूरा वातावरण भक्ति और शास्त्रीय संगीत के सुरों से सराबोर रहेगा, जिससे हर रामभक्त घर बैठे इस उत्सव का आनंद ले सकेगा।









