“हरियाली बचाओ-भोपाल बचाओ” के नारों से गूंजा अयोध्या नगर मुख्य मार्ग

भोपाल भोपाल के अयोध्या नगर मुख्य मार्ग पर हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई के विरोध में रविवार को पर्यावरण प्रेमियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार और नगर निगम के खिलाफ लोगों ने नाराजगी जताते हुए पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “वृक्ष हत्या बंद करो”, “हरियाली बचाओ-भोपाल बचाओ” और “पेड़ बचेंगे तो जीवन बचेगा” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विकास कार्यों के नाम पर शहर की हरियाली समाप्त की जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ेगा। इस आंदोलन में पर्यावरण प्रेमी

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Published On :

मई 28, 2026

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भोपाल

भोपाल के अयोध्या नगर मुख्य मार्ग पर हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई के विरोध में रविवार को पर्यावरण प्रेमियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार और नगर निगम के खिलाफ लोगों ने नाराजगी जताते हुए पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “वृक्ष हत्या बंद करो”, “हरियाली बचाओ-भोपाल बचाओ” और “पेड़ बचेंगे तो जीवन बचेगा” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विकास कार्यों के नाम पर शहर की हरियाली समाप्त की जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ेगा।

इस आंदोलन में पर्यावरण प्रेमी उमा शंकर तिवारी, प्रदीप मोनू सक्सेना, भाई दीपक गुप्ता, भाई अभिनव मुकेश यादव, एकजोट सिंह, मुकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में नागरिक और समाजसेवी शामिल हुए। सभी ने कटे हुए वृक्षों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अयोध्या नगर मुख्य मार्ग पर काटे गए पेड़ केवल लकड़ी नहीं थे, बल्कि शहर के “फेफड़े” थे, जो लोगों को स्वच्छ हवा और पर्यावरण संतुलन प्रदान करते थे। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह अंधाधुंध पेड़ों की कटाई जारी रही तो आने वाले समय में शहर को भीषण गर्मी और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले कम से कम 10 नए पौधे लगाए जाएं और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई।

पर्यावरण प्रेमी उमा शंकर तिवारी और प्रदीप मोनू सक्सेना ने कहा कि यह आंदोलन केवल पेड़ों को बचाने का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संघर्ष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और नगर निगम ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

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