Ayodhya Diwali 2026: CM योगी ने निषाद समाज संग मनाई दिवाली, अयोध्या पर दिया बड़ा बयान

अयोध्या में दीपावली के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद समाज के लोगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। रामनगरी में अपने दौरे के दौरान उन्होंने स्वच्छता से जुड़े लोगों को दिवाली की सौगात भी दी। आखिर अयोध्या की पहचान और सम्मान को लेकर सीएम योगी ने क्या बड़ा संदेश दिया?

Ayodhya Diwali 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 8, 2026

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Ayodhya Diwali 2026 : दीपावली के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी अयोध्या में निषाद समाज के लोगों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और निषाद समाज के बीच सदियों पुराने संबंधों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम और उनकी परंपराओं से जुड़ी हुई है। इस गौरवशाली विरासत को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए। योगी ने कहा कि आने वाले समय में अयोध्या पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए। अयोध्या के वैभव को लूटने और उसे दोबारा बदनाम करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

अयोध्या धाम पर बुरी नजर डालने वालों को CM योगी की चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या धाम की गरिमा और प्रतिष्ठा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अब रामनगरी में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और न ही जय श्रीराम का उद्घोष करने वाले श्रद्धालुओं पर लाठी-डंडे बरसाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था से जुड़ी परिक्रमा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकेगा। योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अयोध्या की धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक पहचान और गौरव की रक्षा को सामूहिक संकल्प बनाया जाए।

भगवान राम और निषाद समाज के ऐतिहासिक रिश्ते को किया याद

निषाद समाज के साथ मुख्यमंत्री का दीपावली मनाना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रामायण में भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान निषादराज गुह और केवट के साथ उनके आत्मीय संबंधों का वर्णन मिलता है। मान्यता के अनुसार, वनवास यात्रा के दौरान केवट ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को नदी पार कराने में सहायता की थी। इस प्रसंग को भक्ति, प्रेम, समर्पण और सामाजिक समानता का प्रतीक माना जाता है। निषाद समाज की पारंपरिक पहचान नाविक और मछुआरे समुदाय के रूप में रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस समाज के लोगों के साथ दीपावली मनाना भगवान राम से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

रामलला के दर्शन कर CM योगी ने की विशेष पूजा-अर्चना

निषाद समाज के साथ दीपावली मनाने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने दीपावली को सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना और भगवान श्रीराम के आदर्शों का भव्य उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि धर्म, सत्य, मर्यादा और आध्यात्मिक विरासत के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।

सनातन संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों का प्रतीक है दीपावली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो समाज को सकारात्मकता, सद्भाव और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और न्याय का आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कामना की कि दीपावली का प्रकाश देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लेकर आए। साथ ही भारत निरंतर प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करे। मुख्यमंत्री के इस संदेश में अयोध्या की धार्मिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिखाई दिया।

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