
Ayodhya Deepotsav 2026: धर्मनगरी अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राम की पैड़ी पर बुधवार से दीप सजाने का काम शुरू हो गया। अवध विश्वविद्यालय के पांच हजार से अधिक वालंटियर इस विशेष अभियान में जुट गए हैं। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं अलग-अलग टोलियों में घाटों पर पहुंचकर दीपों को व्यवस्थित तरीके से सजाने में लगे हैं। दीपोत्सव से पहले घाटों को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
UP News : CM योगी और राम मंदिर को धमकी, यूपी 112 में मचा हड़कंप
राम की पैड़ी के 35 घाटों पर सजने लगे दीप
दीपोत्सव की तैयारियों के पहले दिन राम की पैड़ी पर एक से लेकर 35 नंबर घाट तक दीप सजाने का काम किया गया। वालंटियर को अलग-अलग समूहों में बांटकर प्रत्येक टोली को निर्धारित घाटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद विद्यार्थियों ने घाटों की सीढ़ियों पर दीपों की कतारें बिछानी शुरू कर दीं। दीपों को निर्धारित स्थान पर रखने और उनकी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी टीमें आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं।
चौक पूर्णा की विशेष डिजाइन भी हुई तैयार
इस बार दीपोत्सव में राम की पैड़ी पर आकर्षण का केंद्र बनने वाली चौक पूर्णा की डिजाइन भी तैयार कर ली गई है। इसके लिए विशेष रूप से दीपों को निर्धारित पैटर्न में सजाने की योजना बनाई गई है। दीपों की आकर्षक सजावट के जरिए अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी है। घाटों पर दीपों की कतारें सजने के साथ ही पूरे परिसर को भव्य स्वरूप देने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
नोडल प्रभारी ने बताई वालंटियर की जिम्मेदारी
दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर नोडल प्रभारी एसएस मिश्रा ने बताया कि वालंटियर को अलग-अलग टोलियों में बांटा गया है। सभी टीमों को पहले से निर्धारित घाटों की जिम्मेदारी दी गई है। विद्यार्थी घाटों की सीढ़ियों पर दीप सजाने के साथ-साथ उनकी उचित व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी आयोजन का हिस्सा बने हैं, जिन्होंने अभी तक दीपोत्सव को केवल टेलीविजन और अखबारों में देखा था। अब उन्हें इस भव्य आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देने का अवसर मिल रहा है।
पहली बार दीपोत्सव देखकर उत्साहित हैं विद्यार्थी
अवध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में दीपोत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली बार आयोजन में शामिल हो रहे वालंटियर के लिए यह अनुभव बेहद खास है। विद्यार्थियों का कहना है कि अयोध्या में इतने बड़े स्तर पर दीपोत्सव की तैयारियों को करीब से देखना उनके लिए यादगार अनुभव है।
अवध विश्वविद्यालय की लक्ष्मी कसौधन ने बताया कि अब तक उन्होंने दीपोत्सव के बारे में केवल टीवी और अखबारों में देखा और पढ़ा था। लेकिन इस बार खुद आयोजन का हिस्सा बनकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया।
बीकापुर और गोंडा से आए युवाओं में भी उत्साह
बीकापुर के शुभम पाल ने कहा कि घाटों पर हजारों दीपों की सजावट और इतने बड़े स्तर पर हो रही तैयारियों को देखना शानदार अनुभव है। उन्हें खुशी है कि इस आयोजन में योगदान देने का अवसर मिला है।
वहीं, गोंडा के अवधेश ने बताया कि अयोध्या का दीपोत्सव हमेशा से उन्हें आकर्षित करता रहा है। हालांकि, इस बार पहली बार उन्हें अयोध्या पहुंचकर तैयारियों को करीब से देखने और स्वयं दीप सजाने का मौका मिला है।
दीपोत्सव से पहले अयोध्या को सजाने की तैयारी
राम की पैड़ी पर शुरू हुआ दीप सजाने का अभियान दीपोत्सव की भव्यता को लेकर तैयारियों का अहम हिस्सा है। हजारों वालंटियर की भागीदारी से घाटों को आकर्षक रूप देने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थियों का उत्साह और प्रशासन की तैयारियां इस आयोजन को खास बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
UP News : हर जनपद में हो निवेश, जनपदों की पर कैपिटा इनकम बढ़ाने पर भी











