Atiq Ahmed Son Death: अबान की मौत के बाद बड़ा अपडेट, अंतिम संस्कार में शामिल होने प्रयागराज पहुंच रहा अली

माफिया अतीक अहमद के दिवंगत छोटे बेटे अबान अहमद का आज प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, जिसमें शामिल होने के लिए झांसी जेल में बंद उनके बड़े भाई अली अहमद को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज ले जाया जा रहा है।

Atiq Ahmed Son Death

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 8, 2026

Atiq Ahmed Son Death: माफिया अतीक अहमद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। झांसी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की दर्दनाक मौत हो गई है। अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झांसी जिला जेल में बंद अली अहमद को शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पुलिस महकमे में भारी चौकसी देखने को मिली और कई पुलिस वाहनों के काफिले के साथ अली को प्रयागराज ले जाया गया।

वरिष्ठ जिला जेल अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जेल प्रशासन को देर रात आदेश प्राप्त हुआ था, जिसके बाद शनिवार सुबह यह प्रक्रिया पूरी की गई। अबान अहमद का अंतिम संस्कार शुक्रवार रात या शनिवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में संपन्न होना है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी कस्टडी पैरोल की अनुमति

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर और अली को उनके सगे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल पर ले जाने की अनुमति प्रदान की। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अपने सगे भाई के अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील और पारिवारिक अवसर पर शामिल होने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि नागरिकों की स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों की रक्षा से ही राष्ट्र की नींव मजबूत होती है।

याची के अधिवक्ता सफदर अली काजमी ने कोर्ट को अवगत कराया था कि 6 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में अबान अहमद की जान चली गई थी। इस दुर्घटना के समय उमर लखनऊ जिला जेल और अली झांसी जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थे। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों भाइयों से बात की, जिसके बाद डीजीपी को निर्देश दिए गए कि एक वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में दोनों भाइयों को कड़ी पुलिस अभिरक्षा के बीच अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया जाए।

इसके साथ ही कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि उमर और अली किसी भी सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे और न ही मीडिया, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक चैनलों से किसी प्रकार की बातचीत करेंगे।

छोटे भाई की मौत से गहरे सदमे में है अली

भाई की अचानक हुई इस मौत से झांसी जेल में बंद अली अहमद बुरी तरह टूट चुका है और गहरे सदमे में है। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना की खबर मिलने के बाद से ही अली बेहद गुमसुम और चुपचाप है। आम दिनों में वह अपनी बैरक से बाहर आकर टहलने और व्यायाम करने जाता था, लेकिन इस दुखद घटना के बाद वह पूरे दिन अपनी कोठरी के अंदर ही बंद रहा।

सूत्रों ने बताया कि अली ने हादसे के बाद से ठीक से खाना भी नहीं खाया है और वह लगातार जेल अधिकारियों से हादसे और अपने परिवार के बारे में जानकारी ले रहा है।

सड़क हादसे का दर्दनाक घटनाक्रम

अबान अहमद की यह मौत झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार के सामने अचानक एक बछड़ा आ गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में अबान और सोनू उर्फ शाकिर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

दिलचस्प और दुखद संयोग यह भी है कि मार्च 2023 में जब अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था, तब भी झांसी के पास उसकी वैन के सामने एक गाय आ गई थी, हालांकि उस समय बड़ा हादसा टल गया था। इस प्रकार, सड़क हादसों का यह साया अतीक के परिवार के लिए एक बार फिर गहरा जख्म दे गया है।

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