UP Politics: राहुल गांधी ने बढ़ाया Gen-Z पर फोकस, अखिलेश से बातचीत तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने नई रणनीति के तहत 'जेन-जी' युवाओं पर अपना पूरा फोकस बढ़ा दिया है, जबकि समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग के फार्मूले को जल्द अंतिम रूप देने पर भी तेजी से मंथन चल रहा है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 8, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को पूरी तरह से रफ्तार दे दी है। राज्य में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीतिक प्लान तैयार किया गया है। इस रणनीति का मुख्य केंद्र युवा पीढ़ी (जेन-जी) के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करना और पार्टी के जमीनी संगठन में बड़े बदलाव करना है। इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर भी तस्वीर जल्द साफ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह का संशय न रहे।

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राहुल गांधी का खास ‘जेन-जी’ और छात्र फोकस

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वह प्रयागराज के दौरे पर हैं, जहां वे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से सीधे छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने की उम्मीद है। इससे पहले वे कोटा और देहरादून में भी इस तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।

कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी लगातार शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं, जिससे ‘जेन-जी’ (Gen-Z) वर्ग के बीच पार्टी का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।

छात्रों की नाराजगी का मुद्दा: हाल ही में नीट परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में उत्तर प्रदेश के युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। इसके अलावा प्रयागराज और लखनऊ में भी छात्रों ने प्रदर्शन किए थे।

नया वोटर वर्ग: कांग्रेस 2027 के चुनाव में इसी युवा वर्ग को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है, जो नया वोटर बना है और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष से नाराज चल रहा है।

समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग पर मंथन तेज

यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे पर भी अंदरखाने चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी यह चाहती है कि सीटों का फॉर्मूला जल्द से जल्द तय हो जाए ताकि चुनाव प्रचार और रणनीति के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

इसी उद्देश्य से हाल ही में कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के सभी 6 लोकसभा सांसदों और राज्यसभा सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में सपा के साथ सीट शेयरिंग के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी 20 अगस्त तक दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर कोई बड़ा और आधिकारिक फैसला सामने आ सकता है।

जमीनी स्तर पर संगठन को धार देने की कवायद

चुनावी मैदान में उतरने से पहले कांग्रेस अपने सांगठनिक ढांचे को बेहद मजबूत करने में जुटी है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कमजोर होने से खाली हुई राजनीतिक जमीन पर कांग्रेस की नजर है, जिसके तहत दलित मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

नए चेहरों को जिम्मेदारी: दलित वर्ग को साधने के लिए पार्टी ने अंबेडकरवादी नेता राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया है।

संगठन में फेरबदल: पार्टी ने कई पुराने एICC सचिवों की जगह अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, जगदीश चंद्र जांगिड़, वरुण चौधरी, संजीव आर्य और अब्दुल्ला हन्नान जैसे नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

इन रणनीतिक बदलावों के साथ कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने की पूरी तैयारी कर रही है।

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