Assembly Polls 2026: तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस बार का चुनाव न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि मतदान प्रतिशत के मामले में भी इसने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुए इस चुनावी उत्सव में युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु में इस बार कुल 84.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक चुनावी प्रतिशत है। चुनाव आयुक्त ने इस उपलब्धि के लिए मतदाताओं के जज्बे को सलाम किया है।
मतदान के लिंगवार आंकड़ों पर नजर डालें तो महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है:
महिला मतदाता: 85.76%
पुरुष मतदाता: 83.57%
थर्ड जेंडर: 60.49%
मशीनी खराबी के बावजूद उत्साह बरकरार
वोटिंग के दौरान कुछ केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तकनीकी खराबी की खबरें भी आईं, जिससे कुछ स्थानों पर मतदान देरी से शुरू हुआ। हालांकि, चुनाव अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण खराब मशीनों को तुरंत बदला गया और प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ी। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जो शाम ढलने तक कम नहीं हुईं।
वोटिंग का समयवार विश्लेषण
दिन चढ़ने के साथ मतदान की रफ्तार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला:
सुबह 9 बजे तक: 17.69%
सुबह 11 बजे तक: 37.56%
दोपहर 3 बजे तक: 70%
शाम 5 बजे तक: 82.24%
अंतिम आंकड़ा: 84.69%
SIR प्रक्रिया और मतदाताओं का शुद्धिकरण
इस चुनाव की एक बड़ी विशेषता SIR (Special Information Retrieval) प्रक्रिया रही। चुनाव आयोग ने फर्जी वोटों को रोकने के लिए वोटर लिस्ट की सघन जांच की। शुरुआत में राज्य में 6.41 करोड़ मतदाता थे, लेकिन SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 1.02 करोड़ (15.85%) नाम हटा दिए गए। बाद में, सत्यापन के पश्चात 6 लाख नामों को फिर से बहाल किया गया, जिससे अंतिम मतदाता सूची 5.73 करोड़ पर पहुंच गई। भाजपा उम्मीदवार तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी फर्जी वोट हटाकर पारदर्शी चुनाव कराने के लिए आयोग की सराहना की।
सियासी जंग और उम्मीदवारों का भाग्य
तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ DMK गठबंधन और AIADMK नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के बीच माना जा रहा है। राज्य की 234 सीटों पर कुल 4,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। 5.73 करोड़ मतदाताओं ने इन प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। राज्य में एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ, जिसके परिणाम अब पूरे देश के लिए उत्सुकता का विषय बने हुए हैं।
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