Assembly Election 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग खत्म, पुडुचेरी में 86% के साथ रचा इतिहास

असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। असम में 84% से अधिक मतदान के साथ लोगों ने भारी उत्साह दिखाया, वहीं केरल में भी 75% का आंकड़ा पार हुआ। छिटपुट हिंसा और बूथ एजेंटों पर हमलों के बीच क्या यह भारी मतदान बड़े बदलाव का संकेत है?

Assembly Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 9, 2026

Assembly Election 2026:  देश के दो प्रमुख राज्यों, असम और केरलम, तथा केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय के अनुसार शाम 6 बजे मतदान केंद्रों के द्वार बंद कर दिए गए। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि जो मतदाता शाम 6 बजे से पहले कतारों में लग चुके थे, उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने की पूरी अनुमति दी गई। आंकड़ों की बात करें तो शाम 5 बजे तक के रुझानों ने भारी उत्साह प्रदर्शित किया। असम में 84.42%, पुडुचेरी में 86.92% और केरलम में 75.01% मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि जनता ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

पुडुचेरी में सियासी घमासान: भाजपा-कांग्रेस समर्थक भिड़े, पुलिस का लाठीचार्ज

पुडुचेरी में मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। मन्नादिपेट निर्वाचन क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस बीच, पुडुचेरी के निवर्तमान मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने सादगी की मिसाल पेश की। वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सुरक्षा के तामझाम को छोड़कर अपनी बाइक से ही पोलिंग बूथ तक पहुंचे, जिसकी चर्चा पूरे सोशल मीडिया पर हो रही है।

केरलम में एके एंटनी का दावा: “जनता भाजपा को पसंद नहीं करती”

केरलम में भी मतदान शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा, जहां दिग्गजों ने अपने मत डाले। पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने तिरुवनंतपुरम में वोट डालने के बाद सत्तारूढ़ सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि केरलम की प्रबुद्ध जनता भाजपा की विचारधारा को कभी स्वीकार नहीं करती। एंटनी ने राज्य की वर्तमान सरकार पर 10 साल के ‘कुशासन’ का आरोप लगाते हुए विश्वास जताया कि इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन निश्चित है। कांग्रेस नेता के इस बयान ने राज्य में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है, जहां मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच माना जा रहा है।

असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा: शक्तिपीठ में पूजा के बाद किया मतदान

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने अपने दिन की शुरुआत आध्यात्मिक रूप से की। मतदान करने से पहले वे गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर से निकलने के बाद वे अपनी पत्नी के साथ जालुकबाड़ी स्थित अपने पोलिंग बूथ पहुंचे और मताधिकार का प्रयोग किया। सरमा ने कहा कि असम की जनता विकास और शांति के पक्ष में वोट कर रही है। असम में जिस तरह का भारी मतदान प्रतिशत (84% से अधिक) देखने को मिला है, उससे राजनीतिक विश्लेषक अपनी-अपनी जीत के कयास लगाने में जुट गए हैं।

4 मई को आएंगे नतीजे

असम, केरलम और पुडुचेरी में आज हुआ यह मतदान इन क्षेत्रों के अगले पांच वर्षों का भविष्य तय करेगा। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे, हालांकि पुडुचेरी जैसी छिटपुट घटनाओं को छोड़कर प्रक्रिया सुचारू रही। अब सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है। पूरे देश की नजरें अब 4 मई को आने वाले चुनावी परिणामों पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि जनता ने विकास, बदलाव या निरंतरता में से किसे चुना है। इन चुनावों को 2029 के आम चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है, इसलिए इनके परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

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