Assembly Election Voting 2026 : आज भारत के चुनावी कैलेंडर का एक बड़ा दिन है। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की कुल 296 विधानसभा सीटों पर आज एक ही चरण में मतदान हो रहा है। इस चुनावी रण में 6 करोड़ से अधिक मतदाता 2,000 से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में कैद करेंगे। यह चुनाव जहाँ सत्तारूढ़ दलों के लिए अपने गढ़ बचाने की चुनौती है, वहीं विपक्ष के लिए अस्तित्व की लड़ाई।
सख्त चेतावनी, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं और मंत्री ने दिए जीरो टॉलरेंस के निर्देश
असम: भाजपा की ‘हैट्रिक’ की कोशिश बनाम कांग्रेस का गठबंधन

असम की 126 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए (NDA) राज्य में विकास और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दे पर लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस बार असम में 6.42 लाख नए युवा मतदाता हैं, जो किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। दूसरी ओर, गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक मजबूत क्षेत्रीय गठबंधन तैयार किया है। इसमें रायजोर दल और असम जातीय परिषद जैसे दल शामिल हैं, जो भाजपा के ‘हैट्रिक’ के सपने को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
केरल
केरल की 140 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है, हालांकि मुख्य लड़ाई एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच ही मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF) दोबारा सत्ता में लौटकर इतिहास दोहराना चाहता है। 2021 में उन्होंने 40 साल पुराने सत्ता बदलने के ट्रेंड को तोड़कर जीत हासिल की थी। केरल में महिला मतदाताओं की संख्या (1.39 करोड़) पुरुषों (1.32 करोड़) से अधिक है। यहाँ की साक्षर और जागरूक महिला आबादी जिस ओर झुकेगी, जीत उसी की होगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ बेरोजगारी और सत्ता विरोधी लहर को भुनाने की कोशिश में है।
पुडुचेरी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं। यहाँ एनडीए गठबंधन का नेतृत्व अनुभवी नेता और मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी कर रहे हैं। 76 वर्षीय रंगास्वामी अपने पांचवें कार्यकाल के लिए मैदान में हैं। उनकी सादगी और प्रशासनिक अनुभव के सामने कांग्रेस-द्रमुक (DMK) गठबंधन कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। यहाँ कुल 9.44 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
4 मई को होगा फैसला
आज की वोटिंग के बाद सभी उम्मीदवारों की किस्मत बक्सों में बंद हो जाएगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इन तीनों राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजे भी 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होना है, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में चुनाव संपन्न होंगे। आज का मतदान यह तय करेगा कि पूर्वोत्तर में भाजपा का दबदबा कायम रहेगा या दक्षिण के ‘लाल किले’ में बदलाव की बयार बहेगी।
चुनावी रोड शो, श्रीरामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे नायब सैनी और उमड़ा जनसैलाब










