Assam Election: असम विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच राज्य की राजनीति में एक नाटकीय मोड़ आ गया है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के ठीक एक दिन बाद, उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने चुनाव मैदान से हटने का साहसी फैसला लिया है। कांग्रेस पार्टी ने प्रतीक को मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन पारिवारिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने गुरुवार को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इस फैसले ने ऊपरी असम के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा पत्र: नैतिकता के आधार पर पीछे हटने का फैसला
प्रतीक बोरदोलोई ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि वे मतदाताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम पैदा नहीं करना चाहते। प्रतीक के अनुसार, उनके पिता का भाजपा में जाना एक ऐसी स्थिति पैदा करता है जहाँ उनकी अपनी राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठ सकते थे। उन्होंने लिखा कि मार्घेरिटा की जनता और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता एक ऐसे उम्मीदवार के हकदार हैं जिसकी निष्ठा और स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट और स्थिर हो।
“भ्रम की स्थिति कार्यकर्ताओं के साथ होगी नाइंसाफी”: प्रतीक बोरदोलोई
अपने पत्र में प्रतीक ने भावनात्मक और सैद्धांतिक पहलुओं पर जोर देते हुए कहा, “मौजूदा हालात में, मेरे पिता के दूसरी पार्टी में शामिल होने के बाद, मेरा उम्मीदवार बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं होगा।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि यदि उनकी प्रतिबद्धता या पार्टी की स्थिति को लेकर जनता के मन में कोई भी गलतफहमी पैदा होती है, तो यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी होगी जो वर्षों से कांग्रेस के झंडे तले काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक पारदर्शी राजनीति के लिए उनका मैदान से हटना ही संगठन के हित में है।
संगठन के प्रति सम्मान और कांग्रेस के आदर्शों में अडिग विश्वास
भले ही प्रतीक ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनका यह निर्णय पूरी तरह से संगठन के प्रति सम्मान और पार्टी के अनुशासन को बनाए रखने की इच्छा से प्रेरित है। प्रतीक ने जोर देकर कहा, “कांग्रेस के आदर्शों में मेरा विश्वास आज भी अडिग है। मैं भविष्य में पार्टी के लिए और मार्घेरिटा क्षेत्र के विकास के लिए उसी ऊर्जा के साथ काम करता रहूंगा, जैसा नेतृत्व मुझे आदेश देगा।”
मार्घेरिटा सीट पर कांग्रेस के लिए पैदा हुआ नया संकट
प्रतीक बोरदोलोई के हटने से अब मार्घेरिटा विधानसभा सीट पर एक शून्य पैदा हो गया है। चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है, ऐसे में कांग्रेस आलाकमान को जल्द से जल्द एक नए और प्रभावशाली उम्मीदवार की तलाश करनी होगी। ऊपरी असम में भाजपा की बढ़ती सक्रियता और प्रद्युत बोरदोलोई जैसे कद्दावर नेता का पाला बदलना कांग्रेस के लिए पहले से ही एक बड़ा झटका था, और अब प्रतीक का हटना पार्टी की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
असम विधानसभा चुनाव 2026: मतदान और नतीजों का कार्यक्रम
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य में 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होना तय हुआ है। इसके बाद वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। वर्तमान असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है। प्रतीक बोरदोलोई के इस कदम ने चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है, और अब सभी की नजरें कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह मार्घेरिटा में किसे अपना नया चेहरा बनाती है।
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