Assam Election 2026: असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और घटनाक्रमों के अनुसार, असम विधानसभा चुनाव अप्रैल के पहले सप्ताह में आयोजित किए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग (EC) द्वारा चुनावी तारीखों का औपचारिक ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच होने की प्रबल संभावना है। माना जा रहा है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मतदान एक या अधिकतम दो चरणों में संपन्न कराया जाएगा। चूंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, इसलिए आयोग समय रहते पूरी प्रक्रिया पूरी करने की रणनीति बना रहा है।
बिहू त्योहार का ध्यान रखने की अपील: राजनीतिक दलों की मांग
मंगलवार को गुवाहाटी में मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में भाजपा, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों ने अपनी राय साझा की। सभी पार्टियों ने एक सुर में आयोग से अपील की है कि चुनाव की तारीखों का निर्धारण बिहू त्योहार को ध्यान में रखकर किया जाए। राजनीतिक दलों का मानना है कि त्योहार के आसपास चुनाव होने से प्रवासी मतदाता भी अपने घरों को लौटेंगे, जिससे मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आयोग ने इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।
हिमंत सरकार की हैट्रिक की तैयारी बनाम विपक्ष का ‘महाजोत’
असम में पिछले 10 वर्षों से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। भाजपा इस बार ‘हैट्रिक’ लगाने के इरादे से मैदान में उतर रही है और पार्टी ने 100 से अधिक सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले 6 महीनों में 4 बार की राज्य यात्रा भाजपा के संकल्प को दर्शाती है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए 10 दलों का एक व्यापक गठबंधन तैयार किया है, जिसमें वामपंथी और प्रमुख क्षेत्रीय दल शामिल हैं। यह मुकाबला राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला होगा।
चुनाव आयोग का तीन दिवसीय दौरा: सुरक्षा और तैयारियों की समीक्षा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ असम के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस उच्च स्तरीय टीम ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल के साथ मिलकर तैयारियों का जायजा लिया। आयोग ने आम आदमी पार्टी, भाजपा, सीपीएम और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दलों के साथ-साथ एआईयूडीएफ और असम गण परिषद जैसे क्षेत्रीय दलों से भी अलग-अलग चर्चा की। दौरे के अंतिम चरण में आयोग राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह सचिव के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर अंतिम मुहर लगाएगा।
वोटर लिस्ट का फाइनल अपडेट: 2.43 लाख नाम हटाए गए
चुनाव से ठीक पहले आयोग ने 10 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी कर दी है। ‘स्पेशल रिवीजन 2026’ के तहत कड़ी छंटनी के बाद ड्राफ्ट लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब असम में कुल रजिस्टर्ड मतदाताओं की संख्या 2,49,58,139 है। इसमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है, जो राज्य में जेंडर पैरिटी (लैंगिक समानता) का एक सकारात्मक संकेत है। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन (H2H Verification) के बाद इस लिस्ट को पारदर्शी और सटीक बनाने का दावा किया गया है।
अगले तीन महीने असम के लिए निर्णायक
असम की 126 सीटों पर होने वाले ये चुनाव पूर्वोत्तर की राजनीति के लिए बेहद अहम हैं। जहाँ भाजपा अपनी विकास योजनाओं और ‘डबल इंजन’ सरकार के भरोसे है, वहीं विपक्ष नागरिकता और स्थानीय पहचान के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 18 फरवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चुनावी रोडमैप और भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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