Assam Congress Crisis: असम कांग्रेस में इस्तीफे से मचा घमासान, भूपेन बोरा के बयान से सियासत गरम

असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले कांग्रेस में 'इस्तीफा पॉलिटिक्स' ने हड़कंप मचा दिया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने 'उपेक्षा' का आरोप लगाकर पद छोड़ दिया, लेकिन राहुल गांधी की 15 मिनट की बातचीत के बाद इस्तीफा वापस ले लिया। क्या हिमंता बिस्वा सरमा की एंट्री खेल बिगाड़ देगी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 17, 2026

Assam Congress Crisis:असम की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Bhupen Kumar Borah ने सोमवार सुबह पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को ईमेल के माध्यम से भेजा। इस कदम ने प्रदेश कांग्रेस में हलचल मचा दी। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता तुरंत सक्रिय हुए और उन्हें मनाने की कोशिशें शुरू हो गईं। हालांकि, बोरा ने साफ किया कि अंतिम फैसला अभी बाकी है।

अभी अंतिम निर्णय नहीं, मांगा समय

मीडिया से बातचीत में भूपेन बोरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि आलाकमान ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। बोरा ने कहा कि वह परिवार और करीबी सहयोगियों से सलाह-मशविरा करने के बाद मंगलवार सुबह तक अंतिम निर्णय लेंगे। उनके अनुसार, उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है और अब वह सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

दो वरिष्ठ नेताओं को दिखाया इस्तीफा पत्र

भूपेन बोरा ने बताया कि सोमवार को नागांव से सांसद Pradyut Bordoloi और कांग्रेस विधायक दल के नेता Debabrata Saikia उनके घर पहुंचे। उनके सामने बोरा ने अपना इस्तीफा पत्र दिखाया। उन्होंने दोनों नेताओं को यह अधिकार दिया कि यदि उन्हें लगे कि भविष्य में स्थिति सुधरेगी और उनकी आपत्तियां दूर होंगी, तो वह अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार करेंगे। बोरा ने कहा कि वह चाहते हैं कि पार्टी के भीतर स्पष्टता और पारदर्शिता हो।

APCC को लेकर जताई नाराजगी

बोरा ने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अब असली APCC नहीं रह गई है, बल्कि “APCC (R)” बन गई है। उनके अनुसार, पार्टी के अंदर वैचारिक और संगठनात्मक भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे ढांचे में काम करने को तैयार नहीं हैं जहां स्पष्ट दिशा और प्रतिबद्धता की कमी हो। बोरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मन में भी इस बात को लेकर असमंजस है कि वे किस धड़े के साथ खड़े हैं।

छह राजनीतिक दलों से मिले प्रस्ताव

इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या भूपेन बोरा किसी अन्य दल में शामिल होंगे। इस पर उन्होंने कहा कि अब तक किसी पार्टी से औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। हालांकि, उन्हें छह अलग-अलग राजनीतिक दलों से प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के किसी सांसद, विधायक या नेता ने उनसे सीधे संपर्क नहीं किया। उनका कहना है कि फिलहाल वह किसी भी दल के सदस्य नहीं हैं और सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

सीएम हिमंत सरमा से मुलाकात की चर्चा

भूपेन बोरा ने यह भी खुलासा किया कि एक वरिष्ठ पत्रकार ने उन्हें बताया कि असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma उनसे मिलने उनके घर आना चाहते हैं। इस पर बोरा ने कहा कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, इसलिए कोई भी उनसे मिलने आ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि वह आगामी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और रंगनाडी क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरने की योजना बना रहे हैं, जो उनकी जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला वह रात तक लेंगे, जिससे असम की राजनीति में आगे की दिशा तय होगी।