Assam Assembly Election: कांग्रेस पार्टी के निलंबित विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने गुरुवार को अपनी पूर्व पार्टी पर “तुष्टीकरण की राजनीति” का आरोप लगाते हुए कहा कि,असम चुनावों से पहले पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का एक कारण यही है।कमाख्या डे पुरकायस्थ के साथ ही दो अन्य निलंबित कांग्रेस विधायक, बसंत दास और शशि कांत दास भी भाजपा में शामिल हो गए।
असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका
कमाख्या डे पुरकायस्थ ने कहा, “कांग्रेस छोड़ने का मुख्य कारण पार्टी की तुष्टीकरण नीति है अगर कांग्रेस भविष्य में अपनी विचारधारा नहीं बदलती है तो वह खोखली हो जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि,राज्य की सुरक्षा और प्रगति भी उनके और अन्य विधायकों के इस निर्णय का एक कारण है।
निलंबित विधायकों का पार्टी पर तुष्टिकरण का आरोप
निलंबित कांग्रेस विधायक ने कहा,”हम तीनों भाजपा में केवल एक ही उद्देश्य से शामिल हुए हैं…असम और देश की सुरक्षा।असम के नागरिक होने के नाते हमें भाजपा में शामिल होना होगा और देश और असम को आगे ले जाने के लिए इसकी नीतियों के साथ काम करना होगा। हम आने वाले दिनों में इस नीति को आगे बढ़ाएंगे।
कांग्रेस ने जारी की 42 उम्मीदवारों की सूची
आपको बता दें कि, असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के लिए यह बड़ा झटका है इससे पहले फरवरी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे भूपेन कुमार बोराह ने पार्टी का साथ छोड़ा था।बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा जारी 42 उम्मीदवारों की सूची की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “वंशवादी सूची” करार दिया और भाजपा द्वारा जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर दिए जा रहे जोर की सराहना की।
https://x.com/INCIndia/status/2028847713757098013?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2028847713757098013%7Ctwgr%5E556a25078c458c42dc4beaec38aea33a88a1d367%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.aajtak.in%2Findia%2Fnews%2Fstory%2Fassam-elections-congress-releases-first-list-of-42-candidates-gaurav-gogoi-to-contest-from-jorhat-ntc-dpmx-rpti-2485950-2026-03-03
मुख्यमंत्री चेहरे के लिए गौरव गोगोई की चर्चा
सूची में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई (जोरहाट), बिटुपन सैकिया (गोलाघाट), गौरीपुर से अब्दस सोबाहन अली सरकार, गोलपारा पश्चिम (अनुसूचित जनजाति) से मार्कलाइन मारक, बोंगाईगांव से गिरीश बरुआ, बारपेटा (अनुसूचित जनजाति) से महानंदा सरकार और बोको-चायगांव (अनुसूचित जनजाति) से रामेन सिंह राभा शामिल हैं।अन्य प्रमुख नाम सत्यब्रत कलिता (कमालपुर), रिपुन बोरा (बारचल्ला), मीरा बोरठाकुर गोस्वामी (दिसपुर), दिगंता बर्मन (बरखेत्री), उपताल गोगोई (सोनारी), अजॉय कुमार गोगोई (डेमो), देबब्रत सैकिया (नाज़िरा), और अशोक कुमार सरमा (नलबाड़ी) हैं।
कांग्रेस ने महिला चेहरों पर भी जताया भरोसा
असम विधानसभा चुनाव में कई महिला नेताओं को भी मैदान में उतारा गया है जिनमें नंदिता दास (हाजो-सुआलकुची एससी), पल्लबी सैकिया गोगोई (तेओक), और सुरुचि रॉय (राम कृष्ण नगर एससी) शामिल हैं।असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ लगातार दो चुनाव जीतने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सत्ता बरकरार रखना चाहता है।
कठिन हालात में भी पीएम मोदी ने निकाला समाधान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव










