Assam Election 2026: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रविवार को देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों के आधिकारिक ऐलान से ठीक पहले, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ने असम की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। पार्टी ने राज्य की 14 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। यह कदम दर्शाता है कि दिल्ली और पंजाब के बाद अब ‘आप’ पूर्वी भारत में अपनी जड़ों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में शेष सीटों के लिए भी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्ति और नई राजनीतिक ऊर्जा
हाल के समय में ‘आप’ ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। हालांकि दिल्ली में पार्टी सत्ता से बाहर हो गई, लेकिन पंजाब में उसका आधार आज भी बेहद मजबूत बना हुआ है। आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से कानूनी रूप से बरी होने के बाद, पार्टी कार्यकर्ता और नेतृत्व नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरे हैं। असम में उम्मीदवारों की यह पहली सूची इसी आत्मविश्वास का परिणाम है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य अब पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार, असम में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराना और क्षेत्रीय राजनीति में एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरना है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित समीकरण
आम आदमी पार्टी की पहली सूची में असम के विविध भौगोलिक और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा गया है। इस सूची में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों से लेकर शिवसागर और टीटाबर जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। पार्टी ने सेंट्रल गुवाहाटी जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से डेकाराजा को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, नाओबैचा से अच्युत दास और डेरगांव से पुलिन गोगोई को टिकट दिया गया है। अन्य उम्मीदवारों में गोहपुर से जरबोम कुटुम, खुमताई से आशीष हजारिका और सिबसागर से तपन गोगोई शामिल हैं। रंगा नदी से टिकेंद्र थापा और चेंगा से जाहिदु इस्लाम खान को मौका देकर पार्टी ने सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
दिल्ली-पंजाब मॉडल बनाम स्थानीय मुद्दे
केजरीवाल की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि असम में उनका चुनावी अभियान मुख्य रूप से उनके चर्चित ‘दिल्ली और पंजाब मॉडल’ पर आधारित होगा। पार्टी मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सस्ती बिजली के वादों के साथ जनता के बीच जा रही है। उम्मीदवारों की सूची में नादुआर से रंजीत बोडो, टीटाबार से पल्लब सैकिया, ईस्ट गोलपारा से जिन्ना अमीर हुसैन, राहा से वरुण विकास दास, बोकाजन से रेणुका और बिश्वनाथ से अनंत गोगोई के नाम शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि असम की जनता बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है और वह बदलाव के लिए तैयार है।
असम विधानसभा का गणित और चुनावी मुकाबला
असम विधानसभा की कुल 126 सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। वर्तमान सरकार का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है। कांग्रेस पहले ही अपने दूसरे चरण के उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है, वहीं ‘आप’ की इस पहली सूची ने चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दे दिए हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आएंगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि अरविंद केजरीवाल का ‘झाड़ू’ असम की चाय के बागानों और ब्रह्मपुत्र की वादियों में कितनी सफाई कर पाता है।










