Asian Para Games 2026 : एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को दो सिल्वर, 88 पदकों के करीब पहुंचा देश

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत 100 पदकों के करीब पहुंच गया है। थुलसिमथी मुरुगेसन और भारतीय तीरंदाजों ने रजत पदक जीते, लेकिन स्वर्ण से चूक गए। अब थुलसिमथी के दो और फाइनल मुकाबलों पर निगाहें हैं। क्या भारत जल्द 100 पदकों का आंकड़ा पार कर पाएगा? इसका जवाब आगामी मुकाबलों में मिलेगा।

Asian Para Games 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Asian Para Games 2026  : जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को भारत की पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी थुलसिमथी मुरुगेसन और तीरंदाज भावना चौधरी व पूजा जत्यान ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में सिल्वर मेडल हासिल किए। इन पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या 88 हो गई है। भारतीय दल अब 100 पदकों के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुका है। हालांकि, दोनों फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।

चीन की यांग किउक्सिया ने सीधे गेमों में हराया

महिलाओं के सिंगल्स SU5 वर्ग के फाइनल में भारत की थुलसिमथी मुरुगेसन का मुकाबला चीन की यांग किउक्सिया से हुआ। इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए इस मुकाबले में थुलसिमथी को 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। चीन की खिलाड़ी ने लगातार दो गेम जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि थुलसिमथी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पेरिस पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकीं 24 वर्षीय थुलसिमथी से इस प्रतियोगिता में भी काफी उम्मीदें थीं। फाइनल में हार के बावजूद उनके पास अन्य स्पर्धाओं में पदक जीतने का मौका बना हुआ है।

दो और फाइनल में उतरेंगी थुलसिमथी

थुलसिमथी मुरुगेसन के लिए एशियन पैरा गेम्स 2026 में चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। वह दो अन्य फाइनल मुकाबलों में भी हिस्सा लेंगी, जहां भारत को उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद रहेगी। मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 फाइनल में थुलसिमथी और नितेश कुमार की जोड़ी इंडोनेशिया की लीनी रात्री ओक्टिला और हिकमत रमदानी के सामने होगी। यह मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए पदक का रंग बदलने का अहम अवसर होगा।

इसके अलावा, महिलाओं के डबल्स SL3-SU5 के गोल्ड मेडल मैच में थुलसिमथी मुरुगेसन अपनी साथी मानसी गिरीशचंद्र जोशी के साथ उतरेंगी। भारतीय जोड़ी का सामना चीन की यांग किउक्सिया और जिओ ज़ुक्सियन से होगा। ऐसे में थुलसिमथी के पास आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने का अवसर रहेगा।

तीरंदाजी में भावना चौधरी और पूजा जत्यान को रजत

बैडमिंटन के अलावा भारतीय तीरंदाजों ने भी एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। महिलाओं के पैरा रिकर्व डबल्स फाइनल में भावना चौधरी और पूजा जत्यान की जोड़ी का मुकाबला चीन की गाओ जिहान और वांग ज़ुएक्वियन से हुआ। ओकाज़ाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 0-6 से हार मिली।

भारतीय तीरंदाज तीनों सेट में चीनी खिलाड़ियों से पीछे रहीं। भारत की जोड़ी ने पहले सेट में 31, दूसरे सेट में 30 और तीसरे सेट में 29 अंक हासिल किए। वहीं, चीन की जोड़ी ने इन तीनों सेट में क्रमशः 38, 35 और 39 अंक जुटाए। लगातार तीन सेट जीतने के साथ चीन ने मुकाबला 6-0 से अपने नाम कर लिया और स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों को रजत पदक मिला।

भारत की पदक संख्या 88, अब 100 का लक्ष्य

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक जीते हैं। इस तरह भारत के कुल पदकों की संख्या 88 हो गई है। भारतीय दल अब 100 पदकों के ऐतिहासिक आंकड़े से सिर्फ 12 पदक दूर है।

बैडमिंटन और तीरंदाजी में मिले रजत पदक भारत की पदक तालिका को और मजबूत करते हैं। थुलसिमथी मुरुगेसन के आगामी दो फाइनल मुकाबलों पर भी भारतीय खेल प्रशंसकों की निगाहें रहेंगी। वहीं, अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों से और पदक जीतने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि प्रतियोगिता के शेष मुकाबलों में भारत कितनी जल्दी 100 पदकों का आंकड़ा पार कर पाता है।

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