Asian Beach Games: चीन के सान्या में आयोजित छठे एशियन बीच गेम्स में भारतीय कबड्डी टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि पुरुष टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान बेहद अहम रहा, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि राज्य खेल प्रतिभाओं का गढ़ है।
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री और हरियाणा एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कृष्ण लाल पंवार ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश और प्रदेश दोनों के लिए गर्व का विषय है।
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महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को 47-31 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। खास बात यह रही कि टीम की कप्तानी हरियाणा की बेटी ने संभाली और पूरे टूर्नामेंट में टीम का बेहतरीन नेतृत्व किया। महिला टीम की इस जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मविश्वास और टीम वर्क से शानदार प्रदर्शन किया।
पुरुष टीम ने भी दिखाया दम
वहीं पुरुष कबड्डी टीम ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल मुकाबले में उसे ईरान के खिलाफ 44-31 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। पुरुष टीम के खिलाड़ियों ने भी अपने खेल से दर्शकों और विशेषज्ञों का दिल जीत लिया और यह साबित किया कि भारतीय कबड्डी का स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है।
हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान
इस उपलब्धि में हरियाणा के खिलाड़ियों ने विशेष भूमिका निभाई। महिला टीम में चरखी दादरी जिले के गांव काकड़ोली हट्टी की बेटी ऋतु श्योराण, हिसार जिले के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा कुमारी और गांव हसनगढ़ की नितिका ने शानदार प्रदर्शन किया।
इसी तरह पुरुष टीम में सोनीपत जिले के गांव कथूरा के नीरज नरवाल ने भी अपने खेल से सभी को प्रभावित किया। खिलाड़ियों के अलावा टीम के कोच राकेश कुमार और नसीब जांघू का मार्गदर्शन भी इस सफलता में महत्वपूर्ण रहा।
मेहनत और समर्पण का परिणाम
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के बेटे-बेटियां आज खेलों में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने इस जीत को केवल पदक तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शन से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और खेलों के प्रति उनका रुझान बढ़ता है।









