UP News: ट्रेन में साधु पर हमला या रची गई साजिश? आशुतोष ब्रह्मचारी और शंकराचार्य के बीच छिड़ा विवाद

रीवा एक्सप्रेस में आध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला हुआ है। प्रयागराज जाते समय हुए इस हमले के बाद उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर साजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, शंकराचार्य ने इसे 'बनावट' बताते हुए सुरक्षा पाने का पैंतरा करार दिया है। जानें क्या है इस विवाद और हमले की पूरी सच्चाई।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 8, 2026

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UP News: रीवा एक्सप्रेस में सफर कर रहे आध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी पर प्रयागराज जाते समय जानलेवा हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि धर्मगुरुओं के बीच चल रहे आपसी विवाद को भी सड़कों और ट्रेनों तक ला खड़ा किया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले का सीधा आरोप शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके करीबियों पर लगाया है।

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ट्रेन के भीतर धारदार हथियार से हमला

बताते चले कि, आशुतोष ब्रह्मचारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस में सवार होकर प्रयागराज जा रहे थे। सुबह लगभग 5 बजे, जब ट्रेन अपनी गति में थी, अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। ब्रह्मचारी के अनुसार, हमलावरों ने विशेष रूप से उनकी नाक काटने की कोशिश की। उन्होंने इस संबंध में जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद, अरविंद, प्रकाश और दिनेश जैसे नामों को साजिशकर्ता के रूप में नामांकित किया है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आधिकारिक बयान सामने आया है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी का नाम लिए बिना इस हमले को पूरी तरह से “बनावट” और “पब्लिसिटी स्टंट” करार दिया। शंकराचार्य ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे (आशुतोष) कह रहे हैं कि टॉयलेट जाने तक सब ठीक था, लेकिन बाहर निकलते ही उन पर हमला हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बाथरूम से बाहर आते ही उन्हें किसने मार दिया? शंकराचार्य के अनुसार, यह केवल सुरक्षा प्राप्त करने और माहौल बनाने के लिए रचा गया एक स्वांग है।

रेलवे प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल

शंकराचार्य ने इस बहाने भारत सरकार और रेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार की रेल ही सुरक्षित नहीं है, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने पूछा कि यदि किसी यात्री पर, चाहे वह आशुतोष ही क्यों न हों, इस तरह हमला हो जाता है तो उस समय जीआरपी और रेल प्रशासन कहाँ सोया था? शंकराचार्य के अनुसार, ट्रेन एक सुरक्षित स्थान मानी जाती है और ऐसी जगह पर हिंसा की घटना समझ से परे है, जिसका जवाब रेलवे को देना होगा।

यौन शोषण मामले में सबूत मिटाने की साजिश का दावा

आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि वे शंकराचार्य के विरुद्ध यौन शोषण से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य (सबूत) जमा करने और उन्हें हाईकोर्ट में पेश करने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या का प्रयास इसलिए किया गया ताकि वे कोर्ट तक न पहुँच सकें। ब्रह्मचारी ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी नाक काटने वाले को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी और यह हमला उसी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके पास मौजूद सबूतों को सुरक्षित तरीके से उच्च न्यायालय तक पहुँचाया जाए।

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