Asansol election violence : आसनसोल में धधकी चुनावी आग, अग्निमित्रा पॉल को घेरकर हमला, बाल-बाल बची जान

आसनसोल के बाराबनी में लोकतंत्र पर प्रहार! क्या सोची-समझी साजिश के तहत घेरा गया अग्निमित्रा पॉल का काफिला? पत्थरबाजी और लाठियों से हुआ हमला, सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की। आखिर क्यों पुलिस बनी रही मूकदर्शक? जानिए इस हिंसक हमले की पूरी इनसाइड स्टोरी और मौके के सनसनीखेज वीडियो।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Asansol election violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के दौरान हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुर्शिदाबाद और दक्षिण दिनाजपुर के बाद अब औद्योगिक शहर आसनसोल से बड़ी खबर सामने आई है। यहां आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल की कार पर उग्र भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब वह क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का जायजा ले रही थीं। हमलावरों ने उनके वाहन को निशाना बनाकर भारी पत्थरबाजी की, जिससे कार के शीशे चकनाचूर हो गए। राहत की बात यह रही कि इस हमले में अग्निमित्रा पॉल को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है।

घटना का विवरण: रहमत नगर में ईंट-पत्थरों से किया गया प्रहार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हिंसक घटना आसनसोल दक्षिण के रहमत नगर इलाके में घटित हुई। बताया जा रहा है कि जैसे ही अग्निमित्रा पॉल की कार इस क्षेत्र से गुजरी, वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। भीड़ ने कार पर ईंटें और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भाजपा प्रत्याशी अपनी क्षतिग्रस्त कार के पास खड़ी दिखाई दे रही हैं और आसपास सुरक्षाकर्मी स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस हमले के तुरंत बाद अग्निमित्रा पॉल ने हीरापुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

फैशन जगत से राजनीति का सफर: कौन हैं अग्निमित्रा पॉल?

अग्निमित्रा पॉल बंगाल की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले वह एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी थीं। वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती दे रही हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भी आसनसोल दक्षिण सीट से शानदार जीत दर्ज की थी और भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए इस बार भी उन्हें इसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतारा है। उन पर हुए इस हमले को भाजपा ने लोकतंत्र पर प्रहार बताया है और इसके लिए सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

राज्य में हिंसा का विस्तार: मुर्शिदाबाद और दक्षिण दिनाजपुर भी रहे अशांत

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के दौरान हिंसा की खबरें केवल आसनसोल तक सीमित नहीं रहीं। इससे पहले मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों और हुमायूं कबीर के गुट के बीच हिंसक झड़प की खबरें आईं, जिससे मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हुई। वहीं, दक्षिण दिनाजपुर में भाजपा के एक अन्य प्रत्याशी शुभेंदु सरकार पर भी भीड़ द्वारा हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। बंगाल का चुनावी इतिहास अक्सर ऐसी हिंसक वारदातों से प्रभावित रहा है, और इस बार भी पहले ही चरण में विभिन्न जिलों से आ रही ये खबरें सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।

चुनाव आयोग की कार्रवाई: संवेदनशील क्षेत्रों के लिए मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

राज्य में बढ़ती हिंसा की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने आसनसोल, मुर्शिदाबाद और दक्षिण दिनाजपुर में हुई झड़पों और प्रत्याशियों पर हुए हमलों के संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने वाले और हिंसा फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, अगले चरणों के मतदान के लिए संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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