Arvind Kejriwal News: राघव चड्ढा के BJP में शामिल होने पर अरविंद केजरीवाल का पहला बयान, फैसले को बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पणजी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने टीएमसी में हुई टूट के लिए बीजेपी और ईडी को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने गोवा के लोगों के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग उठाई।

Arvind Kejriwal News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 16, 2026

Arvind Kejriwal News: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। पहली बार इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने गोवा की राजधानी पणजी में मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी गंभीर निराशा व्यक्त की। जब पत्रकारों ने उनसे राघव चड्ढा के पाला बदलने को लेकर सीधा सवाल पूछा, तो उन्होंने बेहद संक्षिप्त लेकिन कड़े शब्दों में सिर्फ इतना कहा कि जो कुछ भी हुआ, वह बेहद ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ था। आपको बता दें कि इसी वर्ष बीते अप्रैल महीने में आम आदमी पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने एक साथ पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया था, जिससे ‘आप’ को संसद में भारी झटका लगा था।

विपक्षी दलों और TMC में टूट पर बरसे ‘आप’ प्रमुख

पणजी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुई हालिया बड़ी बगावत और टूट पर भी खुलकर बात की। उन्होंने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी असल में पूरी तरह से एक अनैतिक राजनीतिक दल (Unethical Political Party) बन चुकी है।

केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता लोकतंत्र में किसी एक पार्टी को देखकर अपना बहुमूल्य वोट देती है, लेकिन बीजेपी सत्ता के अहंकार में या तो भारी-भरकम रकम देकर विपक्षी विधायकों-सांसदों को सीधे खरीद लेती है या फिर क्षेत्रीय पार्टियों को जबरन तोड़ने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को उनके पीछे लगा देती है।

भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा

अरविंद केजरीवाल ने देश की वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संकट जताते हुए देशवासियों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में जो कुछ भी देखने को मिला है, वह हमारे लोकतांत्रिक ढांचे (Democratic System) के लिए कतई शुभ संकेत नहीं है।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “बीजेपी जिस तरह से राज्यों में चुनी हुई सरकारों और राजनीतिक दलों को छिन्न-भिन्न कर रही है, विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है, और केंद्रीय धन-एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है, वह लोकतंत्र की हत्या जैसा है। देश के हर एक नागरिक और राजनीतिक दल को इस तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।”

जनादेश के अपमान पर उठाए तीखे सवाल

तृणमूल कांग्रेस के भीतर मचे घमासान का विस्तृत विश्लेषण करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने जनादेश के खुले उल्लंघन पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने मीडिया के सामने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी की पार्टी पर भरोसा करके उनके 28 या 29 सांसदों को चुनकर संसद भेजा था। जनता ने उम्मीदवार को नहीं, बल्कि टीएमसी की विचारधारा को वोट दिया था। इसके बावजूद, चुनाव के ठीक बाद उनमें से 20-22 सांसद अचानक टूटकर अलग हो जाते हैं और दूसरी पार्टी को अपना समर्थन दे देते हैं, यह जनभावनाओं और लोकतंत्र के साथ सरासर धोखा है और पूरी तरह से गलत है।”

गोवा की सावंत सरकार को अल्टीमेटम

प्रेस वार्ता के अंतिम चरण में अरविंद केजरीवाल ने गोवा के स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तटीय राज्य के नागरिकों की आर्थिक समस्याओं का जिक्र करते हुए मांग की कि गोवा सरकार को आम आदमी पार्टी की लोक-कल्याणकारी बिजली नीतियों को तुरंत लागू करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गोवा के लोग वर्तमान में अत्यधिक महंगे बिजली बिलों से बेहद त्रस्त हैं, इसलिए राज्य सरकार को हर परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली (300 Units Free Electricity) देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि 15 जून 2026 तक के उपभोक्ताओं के जितने भी पुराने बकाया बिजली बिल हैं, उन्हें पूरी तरह से माफ (Zero Bill) किया जाए। केजरीवाल ने दावा किया कि यदि सावंत सरकार इन दोनों जनकल्याणकारी मांगों को मान लेती है, तो गोवा की लगभग 76 प्रतिशत आबादी का बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो जाएगा।