Article 370 Row: अनुच्छेद 370 पर शहबाज शरीफ को उमर अब्दुल्ला का करारा जवाब, पाकिस्तान को नसीहत

अनुच्छेद 370 को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देने की सलाह दी। इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों और कश्मीर मुद्दे पर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।

Article 370 Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 7, 2026

Article 370 Row: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी के अवसर पर शहबाज शरीफ ने एक बार फिर इस फैसले की आलोचना करते हुए जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया था। इसके बाद जब मीडिया ने इस पर उमर अब्दुल्ला से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया।

‘पहले अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र की स्थिति सुधारें’

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान जिस तरह भारत पर आरोप लगाता है, उसे पहले अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रही घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वहां मानवाधिकारों के उल्लंघन की खबरें लगातार सामने आती रही हैं और हाल के दिनों में कई लोगों की मौत भी हुई है। उनके अनुसार, जो देश स्वयं अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में हालात नहीं संभाल पा रहा है, उसे दूसरे देश के मामलों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

अनुच्छेद 370 पर जताई अपनी अलग राय

उमर अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 को लेकर उनकी और उनकी पार्टी की अपनी राजनीतिक राय और शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 को लिए गए फैसले को लेकर उनकी असहमति पहले भी रही है और आगे भी रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है और इसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, इस विषय पर चर्चा और समाधान भारत के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर ही होना चाहिए।

पाकिस्तान को भारत के मामलों से दूर रहने की सलाह

मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान को सलाह देते हुए कहा कि उसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अपने संवैधानिक और राजनीतिक मुद्दों का समाधान स्वयं करने में सक्षम है। उमर अब्दुल्ला ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भारत सरकार और राज्य के बीच संवाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए बाहरी देशों को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

PoJK में मानवाधिकारों का उठाया मुद्दा

उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सुरक्षा बलों और रेंजर्स के हाथों लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है और कई मामलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सबसे पहले इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए और वहां के लोगों की सुरक्षा तथा अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए।

‘भारत अपने मुद्दे खुद सुलझाने में सक्षम’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दों पर भारत के भीतर लोकतांत्रिक संस्थाएं और संवैधानिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच बातचीत के जरिए सभी विषयों पर समाधान निकाला जा सकता है। इसलिए पाकिस्तान की ओर से बार-बार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि भारत अपने आंतरिक मामलों को स्वयं संभालने में पूरी तरह सक्षम है।

अनुच्छेद 370 पर बयानबाजी के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चा

अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी के अवसर पर पाकिस्तान की ओर से आए बयान और उस पर उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। एक ओर पाकिस्तान इस फैसले की आलोचना करता रहा है, वहीं भारत लगातार इसे अपना आंतरिक विषय बताता आया है। उमर अब्दुल्ला के ताजा बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अनुच्छेद 370 को लेकर उनकी राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन वह भी इस मुद्दे पर किसी बाहरी हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को भारत पर टिप्पणी करने के बजाय अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में शासन, मानवाधिकार और कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

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