Army Chief Video Viral : गार्ड ऑफ ऑनर के बाद भावुक पल, सेना प्रमुख धीरज सेठ ने पिता और भाई को सैल्यूट किया, वीडियो वायरल

Dheeraj Seth का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर के बाद वे अपने पिता और भाई को सैल्यूट करते नजर आ रहे हैं। इस सम्मानजनक और निजी पल ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। आखिर इस वीडियो के पीछे की कहानी क्या है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Army Chief Video Viral

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 1, 2026

Army Chief Video Viral :  बुधवार का दिन भारतीय सेना के इतिहास में एक अत्यंत भावुक और गौरवशाली क्षण के रूप में दर्ज हो गया। नए सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर एक बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब जनरल सेठ ने सम्मान प्राप्त करने के बाद वहां उपस्थित अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को गर्व से सैल्यूट किया। पिता के प्रति उनके इस सम्मान ने वहां मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया। समारोह में उनके भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी मौजूद थे, जिन्होंने आगे बढ़कर उन्हें बधाई दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को सैल्यूट किया और हाथ मिलाया। सेना प्रमुख के पूरे परिवार की उपस्थिति ने इस औपचारिक कार्यक्रम को पारिवारिक आत्मीयता से भर दिया।

जिम्मेदारियों का नया अध्याय और चुनौतियां

जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को औपचारिक रूप से देश के 31वें सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लिया है, जिन्होंने चार दशकों से अधिक की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली है। जनरल सेठ ने ऐसे समय में 13 लाख जवानों वाली विशाल सेना की बागडोर संभाली है, जब भारत अपनी सीमाओं पर जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। आज के बदलते वैश्विक भू-रणनीतिक परिदृश्य और आधुनिक युद्ध-शैली के बीच, सेना का ध्यान आत्मनिर्भर बनने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप खुद को ढालने पर केंद्रित है। जनरल सेठ का नेतृत्व इस दिशा में सेना को नई ऊर्जा और स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान करेगा।

वीरता और रणनीतिक अनुभव का संगम

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल धीरज सेठ का करियर असाधारण रहा है। दिसंबर 1986 में ‘आर्मर्ड कोर’ में कमीशन प्राप्त करने वाले जनरल सेठ के पास चार दशकों का व्यापक अनुभव है। उनके करियर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर सेना की दो प्रमुख अभियानगत सैन्य कमानों का नेतृत्व किया है। उप सेना प्रमुख के तौर पर अपनी पिछली जिम्मेदारी से पहले, उन्होंने जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इतने ऊंचे पदों पर रहते हुए उन्होंने सेना की युद्ध-क्षमता को बढ़ाने और संस्थागत बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

आधुनिकीकरण और भविष्य की रूपरेखा

जनरल सेठ का सैन्य अनुभव केवल फील्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रणनीतिक योजना और दक्षता विकास जैसे नीतिगत क्षेत्रों का भी गहरा ज्ञान है। सेना मुख्यालय में अहम पदों पर रहते हुए, उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण और उसकी भविष्य की संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुणे स्थित सदर्न कमांड के प्रमुख के रूप में, उनके नेतृत्व में सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण तत्परता का प्रदर्शन किया था। अब, सेनाध्यक्ष के रूप में उनके अनुभव, तकनीकी सूझबूझ और रणनीतिक कौशल का लाभ भारतीय सेना को मिलेगा, जिससे वे देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने और सेना में दीर्घकालिक परिवर्तन की प्रक्रिया को गति देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Read More  :  FIFA World Cup 2026 : मैक्सिको ने रचा इतिहास, 40 साल बाद नॉकआउट जीत से खत्म हुआ सूखा