Andhra Pradesh Crime: आंध्र प्रदेश के अनामय्या जिले के मदनपल्ले कस्बे से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। वन टाउन थाना क्षेत्र की रहने वाली सात वर्षीय मासूम ऋषिका प्रिया सोमवार शाम को अपने घर के बाहर हर रोज की तरह खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक रहस्यमय तरीके से ओझल हो गई। काफी देर तक जब ऋषिका घर नहीं लौटी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। उन्होंने रात भर गली-मोहल्लों और रिश्तेदारों के यहाँ बच्ची की तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पड़ोसी पर गहराया संदेह
बच्ची के न मिलने से हताश परिजनों ने देर रात मदनपल्ले के वन टाउन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीमें गठित कीं और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को स्थानीय लोगों से महत्वपूर्ण इनपुट मिला कि बच्ची के घर के पास ही रहने वाला एक व्यक्ति घटना वाली रात से ही बेहद संदिग्ध व्यवहार कर रहा था। उसकी घबराहट और गतिविधियों ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उस संदिग्ध के घर पर छापेमारी करने का निर्णय लिया।
प्लास्टिक ड्रम में छिपा था राज: बरामद हुआ मासूम का शव
जब पुलिस टीम संदिग्ध आरोपी के घर में दाखिल हुई और तलाशी लेनी शुरू की, तो वहां मौजूद दृश्य देखकर अनुभवी अधिकारियों की भी रूह कांप गई। घर के भीतर रखे एक बड़े प्लास्टिक के ड्रम के अंदर मासूम ऋषिका प्रिया का निर्जीव शरीर छिपाकर रखा गया था। बच्ची की हत्या कर उसके शव को ठिकाने लगाने की नीयत से वहां बंद किया गया था। जैसे ही यह खबर बच्ची के परिजनों और मोहल्ले वालों तक पहुंची, इलाके में कोहराम मच गया। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया।
चॉकलेट का लालच और दरिंदगी: पुलिस की प्रारंभिक थ्योरी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने बच्ची को अगवा करने के लिए किसी प्रलोभन का सहारा लिया था। आशंका जताई जा रही है कि ऋषिका को चॉकलेट या खेल-खिलौने का लालच देकर आरोपी अपने सुनसान घर के भीतर ले गया होगा। पुलिस इस एंगल पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या हत्या से पहले मासूम के साथ किसी तरह का यौन उत्पीड़न किया गया था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।
शहर में तनाव का माहौल और न्याय की मांग
इस जघन्य अपराध के बाद मदनपल्ले कस्बे में भारी तनाव और गुस्से का माहौल है। स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और उसे फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। अनामय्या जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता को आश्वासन दिया है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और एहतियातन इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और पड़ोसियों के बीच छिपे दरिंदों को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।
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