Amit Shah: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के गहमागहमी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। अमित शाह ने बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए दावा किया कि राज्य अब परिवर्तन की दहलीज पर खड़ा है और जनता ने ‘भय के शासन’ को त्यागकर ‘भरोसे की राजनीति’ को चुन लिया है।
शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं का अभिनंदन
बताते चले कि, अमित शाह ने पहले चरण के मतदान पर संतोष व्यक्त करते हुए मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बंगाल के चुनावी इतिहास में लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब मतदान के दौरान हिंसा में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई। शाह ने इसे “भय से भरोसे की यात्रा” की सफल शुरुआत बताया और कहा कि पहले चरण में मतदान के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं, जो सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।
5 मई को सत्ता परिवर्तन का उद्घोष
ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए शाह ने भविष्यवाणी की कि 5 मई को ‘दीदी’ की सरकार विदा हो जाएगी और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। उन्होंने ‘अंग, बंग और कलिंग’ (बिहार, बंगाल और ओडिशा) का जिक्र करते हुए कहा कि इन तीनों क्षेत्रों में भाजपा का सुशासन होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता इस बार विकास और शांति के लिए वोट डाल रही है।
भूमिपुत्र ही बनेगा बंगाल का मुख्यमंत्री
‘बाहरी’ के शोर पर विराम लगाते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कोई ‘बाहरी’ नहीं बल्कि बंगाल की मिट्टी में जन्मा व्यक्ति होगा। उन्होंने कहा कि सीएम पद की शपथ लेने वाला नेता बंगाली मीडियम में पढ़ा-लिखा और धाराप्रवाह बंगाली बोलने वाला भाजपा कार्यकर्ता होगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह तय है कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भतीजा (अभिषेक बनर्जी) नहीं होगा।
‘भतीजा टैक्स’ और माफिया राज का खात्मा
व्यापारियों और उद्यमियों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही ‘भतीजा टैक्स’ या ‘भाईपो टैक्स’ जैसे वसूली गिरोहों को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने वर्तमान प्रशासन को अपराधीकरण से ग्रसित ‘राक्षस’ बताया और वादा किया कि भाजपा बंगाल को इस कुशासन और सिंडिकेट राज से मुक्ति दिलाकर व्यापार अनुकूल माहौल बनाएगी।
महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था का संकल्प
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अमित शाह ने कहा कि बंगाल में ऐसी स्थिति पैदा की जाएगी जहां रात के 1 बजे भी एक युवती बिना किसी डर के स्कूटर चला सके। उन्होंने ममता बनर्जी के पुराने बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस राज्य की सीएम महिलाओं को शाम के बाद बाहर न निकलने की सलाह दें, उन्हें सत्ता में रहने का हक नहीं है। उन्होंने आरजी कर और संदेशखाली की पीड़िताओं को उम्मीदवार बनाने को ऐतिहासिक कदम बताया।
धार्मिक उत्सवों की स्वतंत्रता और निष्पक्ष चुनाव
शाह ने बंगाल में धार्मिक त्योहारों पर होने वाले हमलों की परंपरा को समाप्त करने का संकल्प लिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि रामनवमी, सरस्वती पूजा और दुर्गा विसर्जन जैसे उत्सव बिना किसी डर के मनाए जाएंगे। अंत में, उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धिकरण और फर्जी वोटिंग रोकने के लिए चुनाव आयोग व सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि ‘एंटी-इनकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) इस बार भाजपा की प्रचंड जीत सुनिश्चित करेगी।









