Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह का बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा राजनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरुवार को उनके दौरे का दूसरा दिन भक्ति और राष्ट्रवाद के संगम के साथ शुरू हुआ। सुबह किशनगंज के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वे सीधे अररिया के लिए रवाना हुए। इस दौरान स्थानीय लोगों का उत्साह चरम पर था और मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ व ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
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अवैध घुसपैठ पर कड़ा प्रहार
बताते चले कि, अररिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि घुसपैठ का मुद्दा उनके लिए केवल वोटों की राजनीति या चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा नहीं है। शाह ने जोर देकर कहा, “मैंने बिहार चुनाव के दौरान घुसपैठ खत्म करने का संकल्प लिया था। इसका अर्थ केवल मतदाता सूची से नाम काटना नहीं है, बल्कि एक-एक घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें देश की सीमा से बाहर करना है।” उनके इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि केंद्र सरकार आने वाले समय में सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
SSB के नए बॉर्डर आउट पोस्ट्स का उद्घाटन
आपको बता दे कि, सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए गृह मंत्री ने अररिया में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ जैसे प्रमुख बॉर्डर आउट पोस्ट्स (BOPs) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास भी संपन्न हुआ। ये नए आउट पोस्ट न केवल जवानों के रहने की स्थिति में सुधार करेंगे, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर निगरानी तंत्र को और अधिक पुख्ता बनाएंगे।
‘चिकन नेक’ की सुरक्षा और तस्करी पर लगाम
अमित शाह के इस दौरे का मुख्य केंद्र बिंदु भारत की सामरिक सुरक्षा है। गृह मंत्री का विशेष ध्यान ‘चिकन नेक’ (Siliguri Corridor) क्षेत्र पर है, जो भारत को उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है और सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील है। शाह इस दौरे पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ मल्टीलेवल सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकना है। पड़ोसी देशों की नापाक नजरों से इस गलियारे को बचाने के लिए एक नई और प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है।
बिहार की धरती से बंगाल को सीधा संदेश
दौरे के अंत में शाह ने राजनीतिक मोर्चे पर भी विपक्षी दलों को घेरा। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि बंगाल में इस बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। बिहार की धरती से बंगाल की जनता को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार बनते ही बंगाल में भी घुसपैठ पर पूर्ण विराम लगाया जाएगा। उनके इस बयान ने सीमांचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्य बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है।
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