Amit Shah Jalpaiguri Rally : ‘5 मई के बाद घर से न निकलें गुंडे’ – जलपाईगुड़ी में अमित शाह की खुली चेतावनी

जलपाईगुड़ी के राजगंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार घुसपैठियों के लिए रेड कारपेट बिछाती है। उन्होंने गुंडों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा। क्या शाह का यह आक्रामक अंदाज वोटरों को लुभाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 15, 2026

Amit Shah Jalpaiguri Rally : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जलपाईगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। बंगाली नववर्ष ‘पोइला बैसाख’ के अवसर पर जनता को शुभकामनाएं देते हुए शाह ने कहा कि यह नया साल बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने जलपाईगुड़ी को राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र बताते हुए हुंकार भरी कि ममता बनर्जी के शासन को उखाड़ फेंकने की शुरुआत इसी धरती से होगी। शाह ने मतदाताओं से अपील की कि जलपाईगुड़ी की सभी सात सीटों पर कमल खिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झोली में डालें।

सिंडिकेट और कटमनी पर प्रहार: ‘गुंडों को उल्टा लटकाकर सीधा करेंगे’

अमित शाह ने टीएमसी (TMC) सरकार पर भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजगंज और जलपाईगुड़ी में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से जबरन ‘कटमनी’ वसूली जा रही है। शाह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “आप बस ईवीएम (EVM) पर कमल का बटन दबाएं, चुनाव के बाद टीएमसी के गुंडों को ढूंढने और उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम भाजपा करेगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत के 100 करोड़ रुपये ममता के करीबियों ने हड़प लिए हैं। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनते ही सिंडिकेट माफिया और स्टोन माफिया से एक-एक पैसा वसूला जाएगा।

चाय बागान श्रमिकों के लिए बड़ा वादा: 500 रुपये दिहाड़ी और जमीन का हक

जलपाईगुड़ी की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए शाह ने कहा कि ममता दीदी ने इस क्षेत्र के पारंपरिक ‘टिंबर और टूरिज्म’ में एक नया ‘टी’ (T) जोड़ दिया है, जिसका मतलब है ‘टियर्स’ यानी आंसू। उन्होंने चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शाह ने घोषणा की कि भाजपा की सरकार बनने के ढाई साल के भीतर हर चाय बागान श्रमिक का वेतन बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन से अधिक किया जाएगा। इसके अलावा, वर्षों से भूमि के अधिकार के लिए तरस रहे श्रमिकों को जमीन का पट्टा देकर उन्हें मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा।

गोरखा समस्या का समाधान और राजनीतिक मुकदमों की वापसी

पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशील ‘गोरखा समस्या’ पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार समाधान के लिए गंभीर है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसमें सहयोग नहीं करतीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा ने इसके लिए एक वार्ताकार (Interlocutor) नियुक्त किया है और चुनाव के बाद गोरखा समस्या का स्थायी संवैधानिक समाधान निकाला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनते ही उन पर दर्ज किए गए सभी ‘राजनीतिक और झूठे’ मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

घुसपैठ और समान नागरिक संहिता का संकेत: ‘चार शादी की अनुमति नहीं’

अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी भले ही विरोध करें, लेकिन भाजपा चुन-चुनकर घुसपैठियों को बंगाल से बाहर खदेड़ने का काम करेगी। इसी दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता की ओर संकेत करते हुए महिलाओं से पूछा कि क्या समाज में चार शादियों की अनुमति होनी चाहिए? शाह ने घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने के बाद किसी को भी ‘चार विवाह’ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, कानून सबके लिए समान होगा।

बाबरी मस्जिद के दावे पर तीखा पलटवार: ‘यह बंगाल भारत में है’

रैली के अंत में शाह ने ममता बनर्जी के पूर्व सहयोगी हुमायूं कबीर के बयानों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कबीर बंगाल की धरती पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। शाह ने कड़े लहजे में कहा, “ममता दीदी कान खोलकर सुन लें, यह बंगाल भारत का हिस्सा है और यहां किसी को भी बाबरी मस्जिद बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में जनता से टीएमसी का हिसाब बराबर करने का आह्वान किया।

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