Amit Shah in Assam: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान देश की सीमाएं असुरक्षित और खुली छोड़ दी गई थीं, जिसके कारण असम में बड़े पैमाने पर घुसपैठ की समस्या पैदा हुई। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता दी और सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए सख्त कदम उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षित सीमाएं ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती हैं।
असम में बुनियादी ढांचे का विकास और सड़कों का जाल
विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय में असम विकास की दौड़ में पिछड़ गया था और वहां कोई भी ठोस बुनियादी कार्यक्रम शुरू नहीं हो सका। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार के नेतृत्व में राज्य की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आज असम में प्रतिदिन 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है, जो पूरे देश में सड़क निर्माण की सर्वाधिक गति है। यह विकास न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित है, बल्कि सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों को भी मुख्यधारा से जोड़ रहा है।
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के दूसरे चरण का भव्य शुभारंभ
अपने दो दिवसीय असम दौरे के दौरान, अमित शाह ने कछार के नाथनपुर गांव से ऐतिहासिक ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने $6,900$ करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है। इस कार्यक्रम के दायरे में देश के 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता सीमावर्ती क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की सुविधाएं पहुँच सकें।
सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने और सुरक्षा को सुदृढ़ करने का लक्ष्य
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे गांवों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर वहां से होने वाले पलायन को रोकना है। योजना के इस चरण में 1,954 गांवों को कवर किया जाएगा, जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं से सटे 334 ब्लॉक शामिल हैं। गृह मंत्री ने कहा कि जब सीमावर्ती गांव सुविधाओं से संपन्न होंगे और वहां आबादी बसी रहेगी, तो घुसपैठ जैसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर स्वतः ही अंकुश लग जाएगा। यह योजना सुरक्षा और विकास का एक अनूठा संगम है।
आगामी पांच वर्षों का संकल्प: बाढ़ मुक्त और समृद्ध असम
पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि असम अब पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र (हब) बन चुका है। उन्होंने भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में सरकार का लक्ष्य असम को विनाशकारी बाढ़ की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। उन्होंने राज्य की जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा के शासन में असम न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनेगा।
CRPF परेड और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा
अपने दौरे के अगले चरण में गृह मंत्री अमित शाह नाथनपुर में भारत-बांग्लादेश सीमा चौकी का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियों की समीक्षा करेंगे। शनिवार को वे गुवाहाटी के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाले CRPF के वार्षिक दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि यह आयोजन पहली बार पूर्वोत्तर भारत में हो रहा है, जो इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। इसके अलावा, वे सोनापुर में असम पुलिस बटालियन के नए परिसर की आधारशिला भी रखेंगे।
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