Amit Shah Assam Rally : UCC लागू होगा और घुसपैठिया बाहर जाएगा’, अमित शाह ने विरोधियों को ललकारा!

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अमित शाह ने ढेकियाजुली और तिहू में चुनावी बिगुल फूंक दिया है! उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा की अगली सरकार बनते ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होगी और घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा। क्या यह दांव भाजपा को दिलाएगा हैट्रिक? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Amit Shah Assam Rally

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 3, 2026

Amit Shah Assam Rally :  असम विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार अभियान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोलपाड़ा जिले के दुधनोई में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। शाह ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में घुसपैठ की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के लागू होने से न केवल सामाजिक समानता आएगी, बल्कि यह अवैध घुसपैठियों की बढ़ती आबादी पर भी लगाम लगाएगा। शाह के अनुसार, यूसीसी के आने के बाद कोई भी घुसपैठिया चार शादियां नहीं कर पाएगा, जिससे जनसांख्यिकीय असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

यूसीसी का रणनीतिक महत्व: जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक न्याय

रैली के दौरान गृह मंत्री ने यूसीसी को घुसपैठ रोकने के एक सशक्त हथियार के रूप में पेश किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कानून की कमियों का फायदा उठाकर घुसपैठिए अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं, लेकिन समान नागरिक संहिता इस पर पूर्ण विराम लगा देगी। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि यह कदम देश और असम राज्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि बीजेपी अपने इस फैसले पर अडिग है और सत्ता में वापसी के साथ ही इसे व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाया जाएगा।

जनजातीय परंपराओं का सम्मान: यूसीसी के दायरे से बाहर रहेंगे आदिवासी क्षेत्र

एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए अमित शाह ने कहा कि बीजेपी जनजातीय समाज की विशिष्ट परंपराओं और उनके अधिकारों का पूर्ण सम्मान करती है। उन्होंने घोषणा की कि जनजातीय क्षेत्रों को यूनिफॉर्म सिविल कोड के दायरे से बाहर रखा जाएगा। शाह के मुताबिक, पार्टी का उद्देश्य विकास के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति का संरक्षण करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मिलकर जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है, जिसे पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर ही लागू किया जा सकेगा।

मेघालय का उदाहरण और घुसपैठियों की ‘शादी वाली’ रणनीति

पड़ोसी राज्य मेघालय में हालिया तनाव का जिक्र करते हुए शाह ने एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल में घुसपैठियों ने राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए जनजातीय महिलाओं से शादी करने का सहारा लिया। उन्होंने इसे सत्ता पर कब्जा करने की एक साजिश करार दिया, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हुई। शाह ने चेतावनी दी कि असम में भी ऐसी कोशिशें की जा रही हैं, जिन्हें केवल बीजेपी की ‘डबल इंजन’ सरकार ही नाकाम कर सकती है।

कांग्रेस पर हमला: ‘आदिवासी विरोधी’ होने का लगाया आरोप

अमित शाह ने कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने कभी किसी आदिवासी महिला को सर्वोच्च संवैधानिक पद तक नहीं पहुंचाया। उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि यह मोदी सरकार ही थी जिसने द्रौपदी मुर्मू को देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाकर इतिहास रचा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे कांग्रेस के भ्रम में न आएं, क्योंकि कांग्रेस की थोड़ी सी भी बढ़त राज्य को दोबारा अस्थिरता और अराजकता के दौर में धकेल सकती है।

घुसपैठ मुक्त असम का संकल्प: पांच साल का मांगा मौका

अपने संबोधन के समापन में अमित शाह ने असम की जनता से एक बार फिर पांच साल का मौका मांगा। उन्होंने संकल्प लिया कि अगर बीजेपी दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य के चप्पे-चप्पे से घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के शासन में ही असम सुरक्षित और स्थिर रह सकता है। शाह ने जोर दिया कि घुसपैठ के मुद्दे पर बीजेपी किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और राज्य में शांति की बहाली को अपनी प्राथमिकता बनाए रखेगी।

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