UP Politics: अंबेडकर प्रतिमाओं पर अखिलेश के दावे से गरमाई सियासत, ब्रजेश पाठक का पलटवार

उत्तर प्रदेश में अंबेडकर की 151 मूर्तियां खंडित किए जाने के अखिलेश यादव के दावे पर सियासत गरमा गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए पुराने शासनकाल की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दलितों पर अत्याचार और मूर्ति विवाद को लेकर सपा पर निशाना साधा। राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 21, 2026

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UP Politics: उत्तर प्रदेश में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से प्रदेश में 151 अंबेडकर प्रतिमाओं के खंडित किए जाने का दावा किए जाने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव के दावे पर सवाल उठाते हुए सपा के पुराने शासनकाल का जिक्र किया और कहा कि पार्टी को पहले अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए।

ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के दावे पर साधा निशाना

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बताते चले कि, यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की सबसे अधिक प्रतिमाओं को खंडित किए जाने की घटनाएं समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुई थी। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को इस मुद्दे पर बयान देने से पहले अपने शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं को याद करना चाहिए। ब्रजेश पाठक ने अपने बयान में सपा पर मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।

गोमती नगर की प्रतिमा का जिक्र कर सपा से पूछा सवाल

ब्रजेश पाठक ने अपने बयान में गोमती नगर में मायावती की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि उस प्रतिमा को किसने तोड़ा था। डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने उस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने सपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी के लोग उस समय मूर्तियां तोड़ने वालों के गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि, ये आरोप ब्रजेश पाठक के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

दलितों पर अत्याचार को लेकर भी सपा पर हमला

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अंबेडकर प्रतिमाओं के विवाद के बीच ब्रजेश पाठक ने दलितों पर अत्याचार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुआ। डिप्टी सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार प्रदेश के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की नीति का जिक्र करते हुए सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।

सत्ता में वापसी को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि अब पार्टी को उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी का अवसर नहीं मिलने वाला है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार प्रदेश के विकास और सभी वर्गों को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है। इस बयान के बाद अंबेडकर प्रतिमाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद सीधे तौर पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदलता नजर आया।

यूपी की अर्थव्यवस्था और बजट का भी किया जिक्र

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से अब तक प्रदेश में लोगों की आय तीन गुनी हुई है और राज्य का बजट भी तीन गुना हुआ है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि विकास के इन मुद्दों पर उसका क्या रुख है। ब्रजेश पाठक ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष पर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय विकास के मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही।

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी बोले ब्रजेश पाठक

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ब्रजेश पाठक ने इंदौर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर हुई कथित मिमिक्री पर उन्होंने आपत्ति जताई। डिप्टी सीएम ने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि मां का स्थान भगवान के समान माना गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मां के सम्मान से जुड़े विषयों पर मर्यादा बनाए रखी जानी चाहिए।

अंबेडकर प्रतिमाओं से लेकर राहुल गांधी विवाद तक सियासत तेज

फिलहाल उत्तर प्रदेश में अंबेडकर प्रतिमाओं को लेकर अखिलेश यादव का दावा और ब्रजेश पाठक का पलटवार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। एक ओर सपा की ओर से प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने का मुद्दा उठाया गया है, वहीं बीजेपी की ओर से सपा के पुराने शासनकाल का हवाला देकर जवाब दिया जा रहा है। इसी बीच राहुल गांधी के कार्यक्रम से जुड़े बयान ने भी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

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