Amazon layoffs 2026 : वैश्विक ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी अमेजन (Amazon) में एक बार फिर कर्मचारियों पर छंटनी की गाज गिरी है। कंपनी ने अपने खर्चों को नियंत्रित करने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक बार फिर कई कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह नया कदम कंपनी की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह पिछले कुछ महीनों में करीब 30 हजार कर्मचारियों की छुट्टी कर चुकी है। अमेजन लगातार अपनी परिचालन लागत को कम करने और रोजमर्रा के कार्यों को इंसानों के बजाय मशीनों से कराने यानी ऑटोमेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस छंटनी ने तकनीकी क्षेत्र के पेशेवरों और कंपनी के मौजूदा कर्मचारियों के बीच उनके भविष्य और नौकरियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गहरी चिंता और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
सेलिंग पार्टनर सर्विसेज टीम पर गिरी गाज, प्रवक्ता ने की पुष्टि
बिजनेस इनसाइडर की एक होलिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेजन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि इस बार छंटनी का मुख्य निशाना उसका ‘सेलिंग पार्टनर सर्विसेज’ (Selling Partner Services) डिवीजन बना है। यह विशेष टीम मुख्य रूप से अमेजन प्लेटफॉर्म पर मौजूद थर्ड-पार्टी सेलर्स (बाहरी विक्रेताओं) के साथ तालमेल बिठाने, नए व्यापारियों की ऑनबोर्डिंग करने, उनके लॉजिस्टिक्स और अकाउंट मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संभालने के लिए जिम्मेदार होती है। हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि इस बार केवल “कम संख्या” में ही कर्मचारियों को प्रभावित किया गया है। प्रवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि कंपनी समय-समय पर अपने संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करती है ताकि व्यापारिक प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके। प्रभावित कर्मचारियों को राहत देने के लिए कंपनी ने हेल्थकेयर बेनिफिट, अलगाव भुगतान (सेवरेंस पे) और नई नौकरी खोजने में मदद करने का आश्वासन दिया है।
सीईओ एंडी जेसी का कॉस्ट-कटिंग मॉडल और महामारी के बाद का बदलाव
अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एंडी जेसी के नेतृत्व में कंपनी पिछले कुछ समय से लागत में कटौती करने और अपने आंतरिक कामकाज को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने पर विशेष जोर दे रही है। दरअसल, कोरोना महामारी के दौर में जब ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स बिजनेस में अप्रत्याशित उछाल आया था, तब अमेजन ने मांग को पूरा करने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर नई भर्तियां की थीं। लेकिन अब बाजार की स्थिति सामान्य होने के बाद कंपनी लगातार अपने स्टाफ के स्तर को कम और री-एडजस्ट कर रही है। इससे पहले भी अक्टूबर, जनवरी और मार्च के महीनों में अमेजन अपने अलग-अलग महत्वपूर्ण डिवीजनों में बड़े स्तर पर छंटनी कर चुकी है, जिसमें उसकी मुख्य रोबोटिक्स यूनिट भी शामिल थी। कंपनी का पूरा ध्यान अब उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां कम मानव श्रम की आवश्यकता हो।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर 200 बिलियन डॉलर का निवेश
अमेजन एक तरफ जहां अपने पुराने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है, वहीं दूसरी तरफ वह भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए तिजोरी का मुंह खोल चुकी है। कंपनी ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए करीब 200 बिलियन डॉलर (अरबों रुपये) का एक भारी-भरकम निवेश बजट तैयार किया है। अमेजन अपने कोर रिटेल बिजनेस, वैश्विक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, क्लाउड कंप्यूटिंग (AWS) और डिजिटल विज्ञापन कारोबार में एआई टूल्स को बहुत तेजी से शामिल कर रही है। कंपनी के भीतर भी प्रबंधकों और कर्मचारियों को ऐसे एआई सिस्टम का उपयोग करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है जो मैन्युअल और बार-बार होने वाले क्लर्कियल कामों को पूरी तरह से ऑटोमेट कर सकें, जिससे समय और पैसा दोनों बचे।
एंडी जेसी का बड़ा बयान: ऑटोमेशन से कम हो जाएगी पारंपरिक नौकरियों की जरूरत
हाल ही में सीएनबीसी (CNBC) के लोकप्रिय ‘मैड मनी’ शो में बातचीत करते हुए अमेजन के सीईओ एंडी जेसी ने भविष्य की इस नई कार्यप्रणाली पर अपने विचार खुलकर साझा किए थे। उन्होंने कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में न केवल ग्राहकों के खरीदारी के अनुभव को सुधारेगी, बल्कि पूरी दुनिया के व्यापारिक मॉडल को भी पूरी तरह से बदलकर रख देगी। हालांकि, उन्होंने कॉर्पोरेट जगत के एक कड़वे सच को भी खुलकर स्वीकार किया कि जैसे-जैसे ऑटोमेशन और एआई तकनीकों का विकास होगा, वैसे-वैसे पारंपरिक और कुछ विशेष प्रकार के डेस्क जॉब्स या नौकरियों की जरूरत बाजार में काफी कम हो जाएगी। यही वजह है कि आज आईटी और ई-कॉमर्स सेक्टर के कर्मचारी खुद को अपस्किल करने के दबाव में महसूस कर रहे हैं।










