Amartya Sen SIR Notice: बीरभूम की ज़मीन पर तृणमूल ऑल इंडिया (अमर्त्य सेन) के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को रामपुरहाट के बिनोदपुर में एक बड़ी जनसभा में SIR प्रक्रिया को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नोबेल पुरस्कार विजेता और बीरभूम के बेटे अमर्त्य सेन को भी हियरिंग नोटिस भेजा गया है।
Amartya Sen SIR Notice: अमर्त्य सेन को नोटिस, बंगाल का अपमान
अभिषेक ने मंच से कहा, “वे बीरभूम के बेटे अमर्त्य सेन को नोटिस भेज रहे हैं, जो पूरी दुनिया में सम्मानित हैं। यह बंगाल और उसके गौरव का अपमान है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी तरह इंडियन क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी नोटिस भेजा गया। उन्होंने इसे राज्य और बंगालवासियों के सम्मान के खिलाफ कदम बताया और कहा कि इसका जवाब वे 2026 विधानसभा चुनाव में देंगे।
Amartya Sen SIR Notice: SIR विवाद और राजनीतिक बवंडर
अभिषेक के इस बयान ने SIR प्रक्रिया के विरोध को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने SIR के नाम पर बंगाल का अपमान किया है, उन्हें बंगाल के नक्शे से मिटा देना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद हजारों समर्थकों ने मंच पर तालियां बजाकर और नारे लगाकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अमर्त्य सेन का बीरभूम और विश्वभारती से जुड़ाव
अभिषेक ने अमर्त्य सेन का जिक्र करते हुए बताया कि वे शांतिनिकेतन और विश्वभारती विश्वविद्यालय से गहरे जुड़े हैं। 1998 में इकोनॉमिक्स में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले इस महान विचारक को नोटिस भेजने के आरोपों ने राज्यवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
मोहम्मद शमी पर नोटिस से खेल जगत में हलचल
इसी तरह, इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की शान रहे मोहम्मद शमी को नोटिस भेजे जाने के आरोप ने SIR प्रक्रिया को और विवादित बना दिया है। तृणमूल का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए सही वोटर्स के नाम सिस्टमेटिक तरीके से हटाए जा रहे हैं, खासकर माइनॉरिटी बहुल इलाकों और पार्टी के समर्थकों को टारगेट किया जा रहा है।
वोटर अधिकार और अपमान का आरोप
अभिषेक ने कहा, “यह सिर्फ़ वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं है, बल्कि बंगालवासियों को उनके मतदान अधिकार से दूर रखने की साजिश है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में बुज़ुर्ग और बीमार लोगों को लंबी सुनवाई में बुलाकर परेशान किया जा रहा है। इससे कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
2026 विधानसभा चुनाव में जवाब देने की बात
अभिषेक ने जनता से अपील की कि इस अपमान का जवाब उन्हें 2026 विधानसभा चुनाव में बैलेट बॉक्स के जरिए देना होगा। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर बंगाल के गौरव और नागरिक अधिकारों पर हमला हो रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने SIR प्रक्रिया के खिलाफ राजनीतिक और सामाजिक गुस्से को और बढ़ा दिया है।
SIR विवाद का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव
अभिषेक बनर्जी के आरोपों ने SIR प्रक्रिया को राज्य की राजनीति का मुख्य मुद्दा बना दिया है। अमर्त्य सेन और मोहम्मद शमी जैसे नामचीन हस्तियों के नोटिस पर विवाद ने जनता और राजनीतिक दलों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। अब यह देखना होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा किस तरह से सामने आता है।










