Amartya Sen EC Notice: अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग का नोटिस, उम्र और स्पेलिंग की गलती बनी वजह

क्या भारत के गौरव और नोबेल विजेता अमर्त्य सेन को अपनी पहचान साबित करनी होगी? पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के एक नोटिस ने सबको चौंका दिया है। नाम की स्पेलिंग और उम्र में विसंगति के चलते जारी हुए इस नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आखिर इस 'तकनीकी चूक' के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है?

Amartya Sen EC Notice

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 7, 2026

Amartya Sen EC Notice: पश्चिम बंगाल में सिटिजन रजिस्ट्री (SIR) की सुनवाई जारी है। इस प्रक्रिया में नागरिकों के फॉर्म की गिनती और दस्तावेज़ों की जांच की जा रही है। अगर गिनती के फॉर्म में कोई गलती पाई जाती है, तो नागरिकों को सुनवाई के लिए नोटिस भेजा जाता है। इस बार विवादास्पद सूची में भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का नाम भी शामिल है।तीन सदस्यीय कमीशन टीम ने अमर्त्य सेन के घर शांतिनिकेतन जाकर नोटिस दिया। नोटिस में कहा गया है कि ‘अमर्त्य सेन और उनके माता-पिता की उम्र में 15 साल से कम का अंतर है’, जो आम तौर पर स्वीकार्य नहीं माना जाता। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमर्त्य सेन को किसी भी सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी नहीं है।

अभिषेक बनर्जी ने उठाया मुद्दा

तृणमूल सांसद और ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम में इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता को भी परेशान करना “अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण” है। उन्होंने यह भी बताया कि नोटिस का मुद्दा केवल फॉर्म में तकनीकी गलती के कारण उठाया गया है, न कि किसी कानूनी उल्लंघन के कारण।अमर्त्य सेन फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं। उनके भाई शांतावनु सेन ने कहा कि नोटिस मिलने से उन्हें और परिवार को परेशानी हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई नोबेल पुरस्कार विजेता के नाम और प्रतिष्ठा के लिए अपमानजनक है।

कमिशन की प्रतिक्रिया और आवश्यक डॉक्यूमेंट

कमीशन के सूत्रों के अनुसार, अगर अमर्त्य सेन आवश्यक डॉक्यूमेंट—जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट की कॉपी—प्रदान कर देते हैं, तो गलती तुरंत सुधार दी जाएगी। जमा करने की अंतिम तारीख 16 जनवरी तय की गई है। कमीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं है।अमर्त्य सेन के घर गए प्रतीची हाउस के इंचार्ज गीतिकांथ मजूमदार ने कहा कि उनके पास सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कमीशन को इन दस्तावेज़ों की उपलब्धता से पूरी तरह सहयोग किया जाएगा और किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।

अमर्त्य सेन का नाम क्यों विवादित

सूची में अमर्त्य सेन का नाम आने का कारण तकनीकी गलती और माता-पिता की उम्र के अंतर को गलत दर्ज करना बताया गया है। नोटिस के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि यह मामूली गलती है और आसानी से सुधार योग्य है।अमर्त्य सेन के नोटिस ने मीडिया और राजनीतिक बहस को फिर से हवा दी है। अभिषेक बनर्जी ने इसे “साजिश की कोशिश” करार दिया, जिसमें केवल नामचीन हस्तियों को परेशान करने का इरादा है। यह मामला यह सवाल भी उठाता है कि तकनीकी मुद्दों के कारण नागरिकों को कितनी बार अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ता है।

समस्या का समाधान

अधिकारियों के अनुसार, अमर्त्य सेन की स्थिति सरल है। डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराए जाने के बाद उनकी नागरिकता की गलती ठीक कर दी जाएगी। यह प्रक्रिया यह दर्शाती है कि SIR में फॉर्म और रिकॉर्ड की गलतियों का समाधान तकनीकी रूप से किया जा सकता है, बगैर किसी कानूनी कार्रवाई ।

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