Amarnath Yatra: आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही पवित्र अमरनाथ यात्रा पर इस बार आतंकी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा करते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) भारत में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के भीतर चल रहे गंभीर आंतरिक संकटों और विद्रोह से दुनिया का ध्यान भटकाना है।
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पीओके और बलूचिस्तान का दबाव और आईएसआई की हताशा
खुफिया अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान इस समय अपने अस्तित्व के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK), खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों ने इस्लामाबाद की नींद उड़ा दी है। पीओके के नागरिक वहां हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
हाल ही में अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किया गया हवाई हमला, जिसमें 35 लोगों की जान गई थी, इसी हताशा का परिणाम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान अपनी विफलताओं और घरेलू विद्रोह से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भारत में ‘आतंकी आग’ भड़काना चाहता है।
अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश
भारतीय एजेंसियों को मिले इंटरसेप्ट्स से पता चला है कि आईएसआई जम्मू-कश्मीर के दुर्गम जंगलों में छिपे आतंकवादियों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। खतरनाक बात यह है कि पाकिस्तान इन आतंकियों को ‘पहलगाम’ जैसी किसी बड़ी आतंकी घटना को दोहराने के स्पष्ट निर्देश दे रहा है। पाकिस्तानी मंसूबा अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में सेंध लगाकर देश में अशांति फैलाने का है। इतना ही नहीं, रिपोर्टों के अनुसार, आईएसआई पंजाब और जम्मू-कश्मीर में अपने पुराने स्लीपर सेल और मॉड्यूल को भी फिर से सक्रिय करने के प्रयास में है।
अभेद्य सुरक्षा घेरे में अमरनाथ यात्रा
संभावित खतरों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। यात्रा मार्ग को अभेद्य बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग: सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरे यात्रा रूट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाए गए हैं।
डिजिटल निगरानी: अत्याधुनिक डिजिटल स्कैनिंग सिस्टम तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान की जा सके।
आतंकवाद विरोधी तंत्र: पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरे मार्ग पर अपने आतंकवाद रोधी (Anti-terror) तंत्र को सक्रिय कर दिया है, ताकि दुश्मन की हर चाल को नाकाम किया जा सके।










