Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ, जम्मू बेस कैंप से निकला श्रद्धालुओं का पहला जत्था

बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा का पहला जत्था कड़े सुरक्षा घेरे में जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना हो चुका है

Amarnath Yatra 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 2, 2026

Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर की पवित्र वादियों में बाबा अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा 2026 का औपचारिक आगाज हो चुका है। गुरुवार, 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बाबा बर्फानी के भक्तों का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर की ओर रवाना हुआ। ‘बम बम भोले’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर इस जत्थे को विदा किया।

Delhi News: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक इन वाहनों पर रोक, बढ़ेगी पार्किंग फीस; जानें नए नियम

भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा

इस वर्ष की यात्रा में एक विशेष बात यह है कि युवा श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक है। पहली बार बाबा के दर्शन के लिए निकले इन युवाओं में उत्साह देखते ही बनता है। राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से आए इन श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पूरे एक साल से इस पल का इंतजार कर रहे थे। सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार के भय को दरकिनार करते हुए श्रद्धालुओं ने कहा कि जब ‘बाबा’ ने बुलाया है और देश के वीर जवान उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं, तो उन्हें किसी भी खतरे की कोई चिंता नहीं है। यात्रियों ने पंजीकरण शुरू होते ही अपनी सीट सुरक्षित करा ली थी, ताकि वे पहले दिन ही पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकें।

सुरक्षा का अभूतपूर्व ‘सुरक्षा कवच’

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा केंद्र सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बार यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए 70,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। यात्रा की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और भारतीय सेना का संयुक्त दस्ता तैनात है। खास बात यह है कि जम्मू से श्रीनगर तक के 300 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के जवान और कोबरा कमांडो लगातार काफिले को एस्कॉर्ट कर रहे हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर अन्य वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाता है, ताकि काफिला निर्बाध रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सके।

शुक्रवार को दर्शन की शुरुआत

श्रीनगर पहुंचने के बाद, ये श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम के आधार शिविरों की ओर बढ़ेंगे। शुक्रवार सुबह से ही भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पवित्र गुफा की ओर अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि मौसम और भौगोलिक चुनौतियों के बीच भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

बीजेपी का दावा

इस यात्रा को लेकर राजनीतिक हलकों में भी भारी उत्साह है। जम्मू में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने विश्वास जताया है कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। उन्होंने कहा कि तवी महा आरती से लेकर यात्रियों के जत्थे तक में जो श्रद्धा और जोश दिख रहा है, वह स्पष्ट करता है कि लोगों की आस्था किसी भी प्रकार के भय से कहीं अधिक मजबूत है। सुनील शर्मा के अनुसार, अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और सुरक्षा बलों पर आम जनता का अटूट भरोसा इस यात्रा की सफलता की सबसे बड़ी गारंटी है।

तमाम चुनौतियों के बावजूद, लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी की एक झलक पाने के लिए लालायित हैं, जो भारत की आस्था और एकता की अद्भुत मिसाल पेश करता है।

Weather Update: गर्मी से मिलेगी राहत! दिल्ली-NCR में इस दिन दस्तक देगा मानसून