Akhilesh Yadav Birthday: ‘हम भला क्या दे सकते हैं आपको…’ अखिलेश के बर्थडे पर राजभर का वार

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने तंज कसा है। राजभर ने सोशल मीडिया पर शुभकामना देते हुए अखिलेश को सलाह दी कि वे 'एसी-पीसी' की राजनीति छोड़कर जमीनी स्तर पर जनता के बीच जाएं और गांव की पगडंडियों पर चलने का संघर्ष सीखें।

Akhilesh Yadav Birthday

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 1, 2026

Akhilesh Yadav Birthday: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर हमेशा गरमाया रहता है। इस बार मौका था समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन, जो 1 जुलाई को मनाया गया। इस अवसर पर जहां कई लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक अजीबोगरीब और तंज भरे अंदाज में उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव को न केवल शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके राजनीतिक कामकाज के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए।

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‘बड़े घर के बेटे’ वाले बयान से शुरू हुआ हमला

ओपी राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत तो औपचारिक बधाई से की, लेकिन जल्द ही उनका लहजा तीखा हो गया। उन्होंने लिखा, “बहुत सोचा कि आपको उपहार में क्या दूं। आप ठहरे बड़े घर के बेटे, पिताजी पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री रहे, आप खुद पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आलीशान बंगलों में आपका जीवन गुजरा है। हम भला आपको क्या दे सकते हैं?” राजभर ने इन शब्दों के जरिए अखिलेश यादव के पारिवारिक बैकग्राउंड और उनकी सुख-सुविधाओं भरी जीवनशैली को निशाना बनाया। उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि अखिलेश यादव जमीनी हकीकत से कोसों दूर एक लग्जरी जीवन जीते हैं।

‘एसी और पीसी’ की राजनीति पर नसीहत

राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने जन्मदिन के उपहार के तौर पर अखिलेश यादव को एक ‘बेशकीमती सलाह’ दी। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को जितनी जल्दी हो सके अपनी ‘आलसी और आरामतलबी’ वाली जीवनशैली से बाहर निकलना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘एसी (Air Conditioner) और पीसी (Personal Computer/Laptop)’ वाली राजनीति को छोड़ने में ही उनका और समाजवादी पार्टी का भला है।

उन्होंने अखिलेश को नसीहत दी कि वे ट्विटर (अब एक्स) पर खेत-खलिहानों के वीडियो देखने के बजाय खुद गांव-देहात की पगडंडियों पर चलें। राजभर ने कहा, “खेत में जाकर खुद किसानी समझिए।” उनका कहना था कि सिर्फ डिजिटल राजनीति से जनता का दिल नहीं जीता जा सकता।

‘जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता’

राजभर ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव को संघर्ष के रास्ते पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि गांव की पगडंडियों पर चलते समय शुरुआत में कांटा धंस सकता है या पैर मुड़ सकता है, धूप और पसीने से परेशानी भी हो सकती है, लेकिन यही राजनीति का असली रास्ता है। उन्होंने अखिलेश को सीधे चुनौती देते हुए कहा, “जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसके लिए मेड़ पर गोड़ रगड़ना ही पड़ता है।”

राजभर ने अंत में खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे 48 डिग्री तापमान में भी गांव-गांव जाकर काम करते हैं। उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव को उनसे ही सीख लेनी चाहिए। अंत में उन्होंने फिर से जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें ‘सही मार्ग’ पर चलने की प्रेरणा मिले। राजभर का यह बयान स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वे अखिलेश यादव की राजनीतिक कार्यशैली को ‘एलिट’ (Elite) मानकर लगातार उसे चुनौती दे रहे हैं।

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