UP News: Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप ‘बीजेपी का आयोग’ बन चुका है EC!

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। यादव ने 'नंदलाल' केस का हवाला देते हुए फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का दावा किया और इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने यूपी की कानून-व्यवस्था और बढ़ती महंगाई पर भी तीखे प्रहार किए।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 8, 2026

UP News:  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था को सत्ता और संस्थाओं की मिलीभगत से कमजोर किया जा रहा है।

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संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर संकट

अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक इकाई के रूप में कार्य करने के बजाय ‘बीजेपी के प्रकोष्ठ’ की तरह व्यवहार कर रहा है। सपा प्रमुख के अनुसार, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली अब लोकतंत्र की रक्षा करने के बजाय सत्ताधारी दल के एजेंडे को आगे बढ़ाने तक सीमित हो गई है। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए एसआईआर (SIR) की संदिग्ध कार्यशैली पर भी अपनी चिंता व्यक्त की।

फार्म-7 के दुरुपयोग का खुलासा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने ‘नंदलाल’ नाम के एक व्यक्ति का उदाहरण पेश करते हुए चुनावी प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ी का दावा किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने वाले फार्म-7 में फर्जी तरीके से अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।

  • सपा अध्यक्ष का आरोप: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्वयं नंदलाल के फर्जी हस्ताक्षर कर फार्म भरा।
  • लोकतंत्र के रक्षक को सम्मान: नंदलाल द्वारा इस गड़बड़ी को उजागर करने पर पार्टी ने उन्हें एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया।
  • प्रक्रिया पर रोक की मांग: यादव ने मांग की है कि फार्म-7 के जरिए किए जा रहे इस ‘संस्थागत फर्जीवाड़े’ को तुरंत रोका जाए।

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन की विफलता

अखिलेश यादव ने केवल चुनावी गड़बड़ियों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि राज्य की योगी सरकार की लचर कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा पर भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जेलों से कैदी भाग रहे हैं और ऐसी खबरें आ रही हैं कि उन्हें नेपाल के रास्ते विदेश भेजने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे शासन तंत्र की पूरी तरह से विफलता करार दिया।

महंगाई की मार और बजट से जनता की निराशा

आगामी बजट और आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जिस सरकार ने पांच वर्षों तक जनता को केवल निराश किया हो, उसके अंतिम बजट से कोई सकारात्मक उम्मीद रखना व्यर्थ है। उन्होंने बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि सोने की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि उनके एक विधायक की पत्नी तक का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि यह धांधली कितनी व्यापक है।

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