UP News: बंगाल चुनाव में हुआ बड़ा ‘खेला’? अखिलेश यादव के इन आरोपों से मचा हड़कंप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में भाजपा पर लोकतंत्र को बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने यूपी और बंगाल के चुनावों की तुलना करते हुए इसे 'मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया' करार दिया। अखिलेश ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए भाजपा को सामंतवादी बताया और चुनाव में धांधली के कई सबूत पेश किए।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 7, 2026

UP News: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को कोलकाता पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को भी पूरी तरह प्रभावित करने की कोशिश में जुटी है।

सपा मुखिया के गंभीर आरोप

बताते चले कि, अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि जो ‘ट्रायल’ उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में किया गया था, उसका अधिक खतरनाक रूप पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में सुरक्षाबलों का उपयोग करके मतदाताओं को बूथों तक जाने से रोका गया। सपा प्रमुख के अनुसार, बंगाल में भी ठीक वैसा ही माहौल बनाया गया है, जहाँ लोकतंत्र को सीधे तौर पर नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ममता बनर्जी के प्रति भाजपा का रुख

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की आंखों में ममता इसलिए खटकती हैं क्योंकि वह ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं का सशक्त नेतृत्व करती हैं। उन्होंने भाजपा को सामंतवादी मानसिकता वाली पार्टी करार देते हुए कहा कि ये लोग महिलाओं को राजनीति के शीर्ष पर और प्रगति करते हुए नहीं देख सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व के प्रति उनकी संकीर्ण सोच का परिणाम है।

दिल्ली सरकार की स्थिति और चुनाव प्रणाली में ‘माफिया’ तंत्र का प्रवेश

दिल्ली की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संदर्भ में कहा कि वहां जो भी मुख्यमंत्री बनता है, उसे ‘आधा-अधूरा’ अधिकार ही दिया जाता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ की संज्ञा दी। यादव ने आरोप लगाया कि बंगाल में लोगों ने अपनी स्वेच्छा से नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव में मतदान किया है, जो निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल

शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख ने पूछा कि आखिर इस हिंसा की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में तीन लाख से अधिक सीएपीएफ (CAPF) जवानों की तैनाती के बावजूद एक समानांतर ढांचा खड़ा कर दिया गया। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार से भारी संख्या में लोगों को बंगाल लाया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा हत्या की राजनीति कर रही है और नोएडा से लेकर बंगाल तक केवल हिंसा का बोलबाला है।

अखिलेश यादव का यह दौरा विपक्षी एकजुटता और आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयानों ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है।