Akhilesh on LPG Crisis: मध्य पूर्व में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई तक पहुँच गया है। खाड़ी देशों से होने वाली एलपीजी (LPG) आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। उपभोक्ता परेशान हैं और वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने मुंबई में एक प्रेस वार्ता के दौरान अंतरराष्ट्रीय संकट और घरेलू कुप्रबंधन को लेकर सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विश्वगुरु बनने के अवसर पर अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान युद्ध संकट भारत के लिए दुनिया को शांति का संदेश देने और वास्तविक ‘विश्वगुरु’ के रूप में उभरने का एक बड़ा अवसर था। सपा प्रमुख के अनुसार, भारत का इतिहास हमेशा से युद्ध विरोधी और शांति समर्थक रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस दिशा में कोई प्रभावी पहल करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यदि भारत इस संघर्ष की स्पष्ट निंदा करता और वैश्विक शांति के लिए ठोस भूमिका निभाता, तो आज दुनिया भारत के नेतृत्व को स्वीकार करती, लेकिन सरकार केवल चुप्पी साधे बैठी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और आपूर्ति की अनिश्चितता
सपा प्रमुख ने ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां से भारत की ओर कितने गैस और तेल के जहाज आ रहे हैं, इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर ही विरोधाभासी बातें हो रही हैं—कोई एक जहाज आने की बात करता है तो कोई दो, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है, यह जनता से छिपाया जा रहा है। इस अनिश्चितता ने ही बाजार में डर और किल्लत का माहौल पैदा किया है।
बीजेपी पर अफवाह और नफरत फैलाने का आरोप
गैस संकट पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आम जनता को बुनियादी सुविधाएं जैसे एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, तब सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय जिम्मेदारी से भाग रही है। बीजेपी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेता अक्सर विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हैं, जबकि हकीकत में सबसे ज्यादा अफवाहें और भ्रामक जानकारियां बीजेपी के तंत्र द्वारा ही फैलाई जाती हैं ताकि अपनी विफलताओं को ढका जा सके।
संभल मस्जिद विवाद और सामाजिक सौहार्द पर चिंता
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने संभल मस्जिद विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ सदियों से सभी धर्मों का सम्मान किया गया है और हर धर्म शांति का ही संदेश देता है। उन्होंने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने और समाज को मजहब के नाम पर बांटने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख के अनुसार, सरकार जानबूझकर ऐसे भावनात्मक मुद्दे उठाती है ताकि जनता का ध्यान असल समस्याओं जैसे महंगाई, बेरोजगारी और गैस की किल्लत से भटकाया जा सके।
जनता की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने की मांग
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने मांग की कि सरकार अंतरराष्ट्रीय राजनीति के नाम पर घरेलू संकट को नजरअंदाज करना बंद करे। उन्होंने कहा कि युद्ध चाहे कहीं भी हो, उसका खामियाजा गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को तुरंत गैस आपूर्ति सुचारू करने के लिए कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर युद्धस्तर पर काम करना चाहिए। अखिलेश के इस बयान ने आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर बड़े राजनीतिक टकराव के संकेत दे दिए हैं।
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