UP Assembly Election 2027 : अखिलेश यादव का दादरी से शंखनाद; नोएडा का ‘अंधविश्वास’ तोड़ PDA और संविधान पर भरी हुंकार

अखिलेश यादव ने पश्चिमी यूपी के दादरी से 2027 के महासंग्राम का आगाज़ कर दिया है। नोएडा जाने के दशकों पुराने डर को पीछे छोड़ते हुए सपा प्रमुख ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के गठबंधन 'PDA' को जीत का मंत्र बताया। क्या यह हुंकार योगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 29, 2026

UP Assembly Election 2027 : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अभी से कमर कस ली है। रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी में आयोजित ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ के जरिए उन्होंने चुनावी बिगुल फूंक दिया। मिहिर भोज कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए अखिलेश यादव ने न केवल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले भी किए।

अंधविश्वास को चुनौती और विकास का रिपोर्ट कार्ड

अखिलेश यादव ने नोएडा आने से जुड़े पुराने अंधविश्वास पर तंज कसते हुए कहा कि वह यहाँ अपने कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी चुके हैं, जबकि सत्ताधारी नेता शायद ही इतनी बार मिले हों। उन्होंने याद दिलाया कि जिस मेट्रो का उद्घाटन भाजपा सरकार ने किया, उसकी नींव और निर्माण समाजवादी सरकार की देन है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने का विजन समाजवादियों का था, जिसे आज की सरकार अपना बताकर भुना रही है।

PDA: सम्मान और सामाजिक न्याय की नई परिभाषा

रैली के दौरान अखिलेश ने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के गठन का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि PDA सिर्फ एक गठबंधन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। उनके अनुसार, PDA उन लोगों की आवाज है जिन्हें वर्षों से अपमानित और प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने सत्ता पक्ष को अहंकारी बताते हुए कहा कि जो लोग 5% होकर 95% आबादी का शोषण कर रहे हैं, उन्हें अब सत्ता से बेदखल करने का समय आ गया है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और नेताजी मुलायम सिंह यादव के आदर्शों का हवाला देते हुए उन्होंने समाज के हर वर्ग को सम्मान दिलाने का वादा किया।

‘नकारात्मक विचारधारा हटाओ, संविधान बचाओ’ का नारा

संविधान की सुरक्षा को अपना मुख्य एजेंडा बताते हुए अखिलेश ने कहा कि जो लोग ‘400 पार’ का नारा देकर संविधान बदलने का सपना देख रहे थे, वे अब भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि जब तक भाजपा सत्ता में है, संविधान पर खतरा बना रहेगा। पहले के नारे ‘भाजपा हटाओ, संविधान बचाओ’ को नया रूप देते हुए उन्होंने अब ‘नकारात्मक विचारधारा हटाओ, संविधान बचाओ’ का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा को राजनीतिक दल के बजाय एक विभाजनकारी शक्ति करार दिया।

बेरोजगारी और निवेश के दावों पर कड़ा प्रहार

उत्तर प्रदेश सरकार के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और 50 लाख करोड़ के MOU पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि ये सब केवल कागजों तक सीमित है। युवाओं को रोजगार नहीं मिला है और प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी सरकार आने पर युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए तरीके की नौकरियों के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तंज कसा कि जो लोग रोबोट दिखाकर वाहवाही लूट रहे थे, वे अब युवाओं की ‘छुट्टी’ कर रहे हैं, जिसका बदला जनता 2027 में लेगी।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान और गुर्जर समाज को सम्मान

किसानों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने दादरी की धरती से बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की जमीनें तो लीं, लेकिन उन्हें बाजार भाव पर मुआवजा नहीं दिया। उन्होंने घोषणा की कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर विकास कार्यों के लिए ली जाने वाली जमीन का मुआवजा बाजार दर पर दिया जाएगा और पंचायत सिस्टम को फिर से बहाल किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने गुर्जर समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए लखनऊ और गोमती रिवर फ्रंट पर गुर्जर महापुरुषों की भव्य प्रतिमाएं स्थापित करने का आश्वासन दिया।

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