UP Politics: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लखनऊ की सिविल कोर्ट में आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। यह मामला अयोध्या में आयोजित निषाद सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से अजय राय के मछली खाने को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है कि उनके बारे में बिना किसी प्रमाण के ऐसी बात कही गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
अजय राय की ओर से अदालत में दाखिल शिकायत के बाद अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर आपत्ति जताते हुए इसे व्यक्तिगत छवि और सम्मान से जुड़ा मामला बताया है।
लखनऊ कोर्ट में अजय राय ने दाखिल किया आपराधिक मानहानि परिवाद
बताते चले कि, कांग्रेस नेता अजय राय का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बारे में ऐसा बयान दिया, जिसका कोई ठोस आधार नहीं था। उनका आरोप है कि इस टिप्पणी के कारण समाज में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अजय राय का दावा- मैं पूरी तरह शाकाहारी हूं
अजय राय ने अपने बचाव में कहा है कि वह पूरी तरह शाकाहारी हैं। इसके बावजूद उनके बारे में मछली खाने की टिप्पणी की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि इस तरह का बयान उनकी व्यक्तिगत छवि को प्रभावित करता है और इसी वजह से उन्होंने न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने अदालत से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब शिकायत पर न्यायालय की ओर से आगे की प्रक्रिया के तहत क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
अयोध्या निषाद सम्मेलन से शुरू हुआ मछली विवाद
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यह पूरा विवाद 23 अगस्त को अयोध्या में हुए एक निषाद सम्मेलन से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, अजय राय अयोध्या में राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान राम निहाल निषाद की ओर से आयोजित निषाद सम्मेलन में मत्स्य भोज का आयोजन किया गया था।
सम्मेलन में मौजूदगी को लेकर उठी राजनीतिक बहस
कांग्रेस का कहना है कि अजय राय निषाद सम्मेलन में मौजूद थे, लेकिन कार्यक्रम में मत्स्य भोज आयोजित होने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने मछली खाई। पार्टी के मुताबिक, इसी कार्यक्रम के संदर्भ में मुख्यमंत्री की ओर से अजय राय को लेकर टिप्पणी की गई, जिस पर अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कानूनी आपत्ति दर्ज कराई है।
योगी आदित्यनाथ के बयान पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी
अजय राय के मानहानि केस के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर अपनी नाराजगी और तेज कर दी है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति की निजी छवि और प्रतिष्ठा को लेकर बिना प्रमाण टिप्पणी करना उचित नहीं है।
कांग्रेस बोली- बयान से सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी का असर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ा। अजय राय ने इसी आधार पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि यदि किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में कोई आरोप लगाया जाता है, तो उसके पीछे तथ्य और प्रमाण होना जरूरी है।
अब कोर्ट की प्रक्रिया पर टिकी नजर
अजय राय की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दाखिल मानहानि परिवाद के बाद अब मामला न्यायालय की प्रक्रिया में है। आगे अदालत शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किस दिशा में कार्रवाई करती है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल अयोध्या के निषाद सम्मेलन में आयोजित मत्स्य भोज से शुरू हुआ यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है। एक ओर अजय राय ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है, वहीं दूसरी ओर इस घटनाक्रम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी को भी और तेज कर दिया है।










