Air India Plane Incident: फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट में बड़ा हादसा, टर्बुलेंस बना मुसीबत

थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में अचानक गंभीर टर्बुलेंस (तेज झटके) आने से 12 यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए।

Air India Plane Incident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 4, 2026

Air India Plane Incident: एअर इंडिया (Air India) की थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रही एक उड़ान (Flight AI-2379) के दौरान अचानक भयंकर टर्बुलेंस (Turbulence) का मामला सामने आया है। मंगलवार (4 अगस्त 2026) को जब यह विमान दिल्ली पहुंचने वाला था, तब अचानक जोरदार झटकों के बीच विमान कुछ पलों के लिए नीचे की ओर गोता खाने लगा। गनीमत यह रही कि पायलटों ने तुरंत स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग दिल्ली एयरपोर्ट पर करा ली गई। इस अप्रत्याशित घटना में कुल 12 यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए हैं।

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फ्लाइट AI-2379 में मची अफरातफरी

एयरलाइन सूत्रों और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI-2379 में कुल 134 यात्री सवार थे। विमान जब अपनी यात्रा के अंतिम चरण में था और दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की तैयारी कर रहा था, तभी वह अचानक ‘क्लियर एयर टर्बुलेंस’ (Clear Air Turbulence) की चपेट में आ गया।

इस अचानक हुए जोरदार झटके के कारण विमान में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा बेल्ट (Seat Belt) न बांधने वाले या उस समय अपनी सीट से उठे हुए कुछ यात्रियों और विमान कर्मियों को तेज झटके लगे, जिससे वे घायल हो गए। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि गनीमत यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर मामूली रूप से चोटिल हुए यात्रियों और क्रू सदस्यों को तुरंत एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां एअर इंडिया की मेडिकल टीम उनकी देखरेख कर रही है।

साफ आसमान में कैसे आया टर्बुलेंस?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौसम बिल्कुल साफ था, तब यह टर्बुलेंस कैसे हुआ? विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इसे ‘क्लियर एयर टर्बुलेंस’ कहा जाता है। यह ऐसा खतरनाक झटका होता है जो बिल्कुल साफ आसमान में अचानक लगता है।

इस तरह के टर्बुलेंस के दौरान आसमान में न तो काले बादल होते हैं, न बारिश और न ही कोई तूफान दिखाई देता है। यही वजह है कि मौसम साफ होने के कारण रडार या पायलट के लिए इसका पहले से अनुमान लगाना बेहद मुश्किल या लगभग असंभव होता है। हवा के ऊपरी स्तर पर जेट स्ट्रीम (Jet Streams) या हवा के तेज और अचानक बदलते बहाव (Wind Shear) के कारण यह स्थिति बनती है, जिससे विमान को जोरदार झटके लगते हैं।

विमान को भी पहुंचा मामूली नुकसान

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भयंकर उथल-पुथल और तेज झटकों की वजह से विमान के अंदरूनी हिस्से को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। हालांकि, तकनीकी दक्षता और पायलटों की सूझबूझ के चलते विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पूरी तरह सुरक्षित लैंडिंग कर ली। विमान के उतरते ही राहत कार्यों को तेजी से शुरू किया गया और सभी यात्रियों व क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

आसमान में क्यों और कैसे होता है टर्बुलेंस का शिकार?

आसमान में उड़ने वाला कोई भी विमान तब टर्बुलेंस का शिकार होता है जब हवा का प्रवाह (Airflow) अनियमित या अशांत हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में विमान हवा की स्थिर और एक जैसी परतों पर तैरते हुए आसानी से उड़ान भरता है, लेकिन जब हवा के बहाव में अचानक रुकावट या तेजी आती है, तो विमान असंतुलित महसूस होता है।

टर्बुलेंस पैदा होने के कई मुख्य कारण होते हैं, जैसे:

जेट स्ट्रीम: वायुमंडल की ऊपरी परतों में चलने वाली अत्यधिक तेज हवाएं।

पर्वतीय हवाएं: पहाड़ों के ऊपर से गुजरने वाली हवाओं का तेजी से ऊपर-नीचे होना (Mountain Waves)।

मौसम में बदलाव: बादलों या तूफानी हवाओं का अचानक टकराना।

यही कारण है कि विमानन कंपनियां हमेशा अपने यात्रियों को सलाह देती हैं कि वे यात्रा के दौरान सीट पर बैठे होने पर हमेशा सीट बेल्ट (Seat Belt) बांधकर रखें, ताकि इस तरह के अचानक आने वाले झटकों से सुरक्षित रहा जा सके।

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