AIIMS Rishikesh: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि प्रदेश सरकार एक आधुनिक और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, एम्स (AIIMS) ऋषिकेश से देश की पहली हेली एंबुलेंस सेवा की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है, जिसे दूर-दराज और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक बड़ा वरदान माना जा रहा है।
उत्तराखंड के चुनौतीपूर्ण भौगोलिक हालात
इसी कड़ी में आगे, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार का मूल लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाला उपचार उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड का भौगोलिक स्वरूप अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, जहां कई गांव ऐसे हैं जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में घंटों का समय लग जाता है। ऐसे में गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना के शिकार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसका यह हेली सेवा प्रभावी समाधान है।
सुदृढ़ एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हमारी डबल इंजन सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में AIIMS ऋषिकेश से देश की पहली हेली एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया गया है।
यह अभिनव पहल विशेष रूप से दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आपातकालीन… pic.twitter.com/u0tgXalT9y
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 31, 2026
देश की पहली हेली एंबुलेंस पहल
सीएम ने बताया कि एम्स ऋषिकेश से शुरू की गई यह हेली एंबुलेंस सेवा देश की अपनी तरह की पहली ऐसी अनूठी पहल है, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ताकत दे रही है। अब किसी भी दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य मेडिकल इमरजेंसी के वक्त मरीजों को कम से कम समय में बड़े चिकित्सा संस्थानों तक एयरलिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे इलाज में होने वाली देरी पर रोक लगेगी और अनगिनत बहुमूल्य जानें बचाई जा सकेंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी नई हवाई चिकित्सा सेवा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह सेवा विशेष तौर पर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए वरदान साबित होगी। अक्सर खराब मौसम, अत्यधिक दूरी और कठिन पहाड़ी रास्तों के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल लाना असंभव सा हो जाता था। अब इस हेली सेवा की मदद से मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे गंभीर रोगियों की जीवन रक्षा की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण
सरकार के विजन को साझा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रशासन केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार ही नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से भी लैस कर रहा है। सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि राज्य का कोई भी नागरिक उचित इलाज के अभाव में लाचार न हो। इसी सोच के तहत अस्पतालों में सुविधाओं का विकास, डॉक्टरों की संख्या में बढ़ोतरी और इमरजेंसी विंग को मजबूत किया जा रहा है।
चिकित्सा योजनाओं पर सरकार की प्रतिबद्धता
विशेषज्ञों का भी मानना है कि मेडिकल इमरजेंसी में समय सबसे कीमती होता है और कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा हो सकती है। यह हेली सेवा मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उन्नत चिकित्सा उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि डबल इंजन सरकार जनसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित है और इस योजना से प्रदेश के हजारों दूरस्थ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।










