AIIMS Delhi: AI की मदद से बीमारी का पहले ही पता, AIIMS ने शुरू की नई पहल

AIIMS दिल्ली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई तकनीक की शुरुआत की है, जिससे बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा। एक्स-रे से लेकर कैंसर जांच तक AI की मदद ली जाएगी। यह पहल मरीजों को तेज, सटीक और समय पर इलाज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 19, 2026

AIIMS Delhi: दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने इलाज के तरीकों में नई क्रांति ला दी है। अब अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम मरीजों की जांच रिपोर्ट का विश्लेषण डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही कर देता है। इसका मकसद बीमारी की पहचान और इलाज की प्रक्रिया को तेज, प्रभावी और सटीक बनाना है।

Admiral Arun Prakash: पूर्व नेवी चीफ को चुनाव आयोग का नोटिस, एडमिरल अरुण प्रकाश ने उठाए सवाल तो EC को देनी पड़ी सफाई

एक्स-रे रिपोर्ट की AI द्वारा त्वरित जांच

एम्स में छाती के एक्स-रे की जांच अब AI सिस्टम द्वारा प्रारंभिक रूप से की जाती है। यह तकनीक मिनटों में इमेज को स्कैन कर संभावित संक्रमण, गांठ या अन्य असामान्यताओं को पहचान लेती है। डॉक्टर के पास रिपोर्ट पहुँचते ही प्रारंभिक विश्लेषण तैयार रहता है, जिससे निर्णय लेने में समय बर्बाद नहीं होता। इसके चलते न केवल सरकारी अस्पतालों में काम का दबाव कम हुआ है, बल्कि मरीजों को रिपोर्ट मिलने में भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता।

शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान

बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को देखते हुए AIIMS की विशेषज्ञ टीम ने नई AI प्रणाली विकसित की है। यह तकनीक कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचान सकती है, जिससे बीमारी शरीर में फैलने से पहले ही पकड़ी जा सके। डॉक्टर कृतिका रंगराजन और उनकी टीम इस सिस्टम पर काम कर रही हैं। देश के प्रमुख मेडिकल केंद्रों में इसका परीक्षण जारी है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता लगने पर इलाज प्रभावी हो जाता है और मरीज के जीवन की रक्षा की संभावना बढ़ जाती है। AI आधारित विश्लेषण डॉक्टरों को समय रहते इलाज शुरू करने में मदद करता है और चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार करता है।

Delhi News: DU प्रोटेस्ट में बढ़ा तनाव, महिला पत्रकार पर हमले से मचा बवाल

‘मधुनेत्र’ से ग्रामीण इलाकों में हाईटेक आंख जांच

AIIMS ने सरकार के सहयोग से ‘मधुनेत्र’ नामक कार्यक्रम शुरू किया है। यह AI आधारित सिस्टम आंखों की अंदरूनी तस्वीरों को स्कैन कर मधुमेह या अन्य कारणों से रेटिना की समस्याओं की पहचान करता है। जांच के तुरंत बाद मरीज को जोखिम के बारे में जानकारी मिल जाती है, जिससे समय पर उपचार संभव हो जाता है।

इस पहल का उद्देश्य देशभर के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लोगों को भी उन्नत तकनीक के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। AI मशीनें लगातार और बिना थके काम कर सकती हैं, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना घटती है।

Delhi News: दिल्ली में होटल से कूदने की घटना, लड़की की हालत गंभीर, मामले की जांच

डॉक्टरों के लिए AI एक भरोसेमंद सहायक

हालांकि अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर का ही होता है, लेकिन AI अब उनके लिए एक मजबूत सहायक की भूमिका निभा रहा है। यह तकनीक न केवल रिपोर्ट का त्वरित विश्लेषण करती है बल्कि डॉक्टर को समय रहते सटीक दिशा में इलाज शुरू करने में भी मदद करती है। इस नई तकनीक के लागू होने से इलाज की गति बढ़ेगी, मरीजों की सुविधा बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों को प्रारंभिक अवस्था में पकड़ने में सफलता मिलेगी। AIIMS की यह पहल मेडिकल दुनिया में AI के उपयोग का एक नया उदाहरण पेश करती है।