AI Summit: 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में हुए विरोध प्रदर्शन को भारत की अंतरराष्ट्रीय साख पर हमला करार दिया। पात्रा ने कहा, “आज जब मैं यहाँ आया तो मन में गहरा आक्रोश था। यह गुस्सा सिर्फ एक प्रवक्ता का नहीं, बल्कि भारत की उस युवा पीढ़ी (GenZ) का है जो देश को एआई और तकनीक के क्षेत्र में विश्व गुरु बनते देखना चाहती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं, बल्कि भारत बनाम भारत विरोधी ताकतों की लड़ाई है।
यूथ कांग्रेस के नेताओं पर गंभीर आरोप: बारकोड लेकर घुसे प्रदर्शनकारी
संबित पात्रा ने घटना का ब्यौरा देते हुए दावा किया कि गिरफ्तार किए गए चार मुख्य आरोपी भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के सक्रिय नेता हैं और पार्टी में बड़े पदों पर आसीन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से समिट में डेलिगेट्स के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया और बारकोड प्राप्त कर सुरक्षा घेरे को पार किया। पात्रा के अनुसार, अंदर घुसने के बाद इन कार्यकर्ताओं ने अभद्रता की पराकाष्ठा पार करते हुए अपने कपड़े उतार दिए और नग्न होकर प्रदर्शन किया। बीजेपी प्रवक्ता ने इसे भारतीय लोकतंत्र और संस्कृति के लिए एक काला दिन बताया।
“राहुल गांधी के आवास पर रची गई साजिश”: बीजेपी का बड़ा दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘पूर्व-नियोजित’ बताया। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि इस प्रदर्शन की पूरी पटकथा राहुल गांधी के आवास पर लिखी गई थी। पात्रा ने आरोप लगाया, “सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में इस पूरी साजिश को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस नेतृत्व ने ही अपने कार्यकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स के सामने देश को शर्मसार करने के निर्देश दिए थे।” बीजेपी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब विरोध के नाम पर अराजकता और अश्लीलता का सहारा लेगी?
क्या है इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन का पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान युवा कांग्रेस के सदस्यों ने अचानक शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी भारत और अमेरिका के बीच हुई हालिया ‘ट्रेड डील’ का विरोध कर रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। समिट में विदेशी मेहमानों और तकनीकी दिग्गजों की मौजूदगी के बीच हुए इस हंगामे ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 4 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ट्रेड डील और कांग्रेस का विरोध: कूटनीतिक निहितार्थ
कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठन भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर लगातार सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह डील देश के हितों के खिलाफ है, जबकि सरकार इसे भविष्य की तकनीक और आर्थिक मजबूती के लिए मील का पत्थर बता रही है। संबित पात्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह का व्यवहार करके कांग्रेस केवल मोदी सरकार का नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का नुकसान कर रही है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व को इस शर्मनाक कृत्य के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
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