AI Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एआई के महत्व, इसके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। उद्घाटन सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संबोधन दिया।
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समिट का विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी और वीवीआईपी मेहमानों की मौजूदगी के चलते गुरुवार को समिट आम जनता के लिए बंद रखा गया। केवल निमंत्रण पत्रधारी ही इसमें शामिल हो सके। इसी कारण केंद्र सरकार ने समिट को एक दिन और बढ़ाकर 21 फरवरी तक जारी रखने का निर्णय लिया। उस दिन शाम 8 बजे तक आम जनता को प्रवेश मिलेगा।
भारत की मेजबानी
भारत चौथे एआई समिट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले:
पहला समिट 2023 में ब्रिटेन में हुआ था।
दूसरा मई 2024 में दक्षिण कोरिया में आयोजित हुआ।
तीसरा फरवरी 2025 में पेरिस में हुआ।
इन तीनों समिट के निष्कर्षों को आधार बनाकर भारत चौथा समिट आयोजित कर रहा है, जिसमें एआई के भविष्य और इसके वैश्विक उपयोग पर चर्चा हो रही है।
आज का कार्यक्रम
सुबह 9:40 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया और भाषण दिया। करीब 11 बजे वे अन्य नेताओं के साथ एआई इम्पैक्ट एक्सपो पहुंचे, जहां विभिन्न देशों के पवेलियन और कंपनियों के एआई प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन देखा। दोपहर 12 बजे उन्होंने लीडर्स प्लेनरी सेशन में हिस्सा लिया, जिसमें राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने एआई पर राष्ट्रीय और वैश्विक प्रस्तुतियां दीं। शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सीईओ राउंडटेबल में भाग लिया। इसमें टेक कंपनियों और इंडस्ट्रियल फर्मों के वरिष्ठ अधिकारी एआई के डिप्लॉयमेंट पर चर्चा करने के लिए सरकारी नेतृत्व के साथ जुड़े।
वैश्विक भागीदारी
यह समिट दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन माना जा रहा है। इसमें शामिल हैं:
500 से ज्यादा एआई लीडर्स
100 फाउंडर्स और सीईओ
150 एकेडेमिक्स और रिसर्चर्स
400 सीटीओ, वाइस प्रेसिडेंट और फिलैंथ्रोपिस्ट
100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि
20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख
करीब 60 मंत्री और उपमंत्री
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह न केवल तकनीकी क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई के भविष्य को लेकर भारत की नेतृत्वकारी स्थिति को भी मजबूत करता है।









