अमेरिका 80 साल बाद सबसे बड़ा तेल विक्रेता, पूरी दुनिया को डाला संकट में

वाशिंगटन दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका दुनिया को तेल बेचने के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाने के करीब पहुंच गया है. असल में ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव और युद्ध की वजह से खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई रुक गई है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका पर टिकी हैं और उसके यहां से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल एक्सपोर्ट हो रहा है।  अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ बढ़ता तनाव

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Published On :

अप्रैल 16, 2026

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वाशिंगटन

दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका दुनिया को तेल बेचने के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाने के करीब पहुंच गया है. असल में ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव और युद्ध की वजह से खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई रुक गई है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका पर टिकी हैं और उसके यहां से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल एक्सपोर्ट हो रहा है। 

अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ बढ़ता तनाव ही इसकी मुख्य वजह है, क्योंकि इसके चलते दुनिया के एनर्जी मार्केट में अब तक की सबसे बड़ी रुकावट आई है. ईरान ने समुद्र के रास्ते होने वाली सप्लाई को रोकने की धमकी दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार अटक गया है. जब एशिया और यूरोप के देशों को वहां से तेल मिलना बंद हुआ, तो उन्होंने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अमेरिका का रुख किया. अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और वहां से तेल की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है। 

सात महीनों में सबसे ज्यादा तेल एक्सपोर्ट
रायटर्स की एक रिपोर्ट में लेटेस्ट सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लिखा गया है कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने करीब 52 लाख बैरल कच्चा तेल रोजाना दूसरे देशों को भेजा. यह पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा है. अगर हम उसके आयात और निर्यात के अंतर को देखें, तो यह घटकर सिर्फ 66,000 बैरल रोजाना रह गया है. इसका मतलब है कि अमेरिका अब जितना तेल मंगाता है, लगभग उतना ही दुनिया को बेच भी रहा है. केवल 66,000 बैरल का फर्क है. 1943 के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिका कच्चे तेल का नेट एक्सपोर्टर (Net Exporter) बनने के काफी करीब है। 

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