AFC U20 Asian Cup : बांग्लादेश के खिलाफ जीतते ही भारत रचेगा इतिहास? 20 साल का इंतजार होगा खत्म

AFC U20 Asian Cup में भारत के सामने बांग्लादेश की चुनौती है और मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। भारतीय टीम के पास 20 साल पुराने इंतजार को खत्म करने का मौका है। लेकिन क्या युवा खिलाड़ियों की टीम दबाव संभालकर इतिहास रच पाएगी? जानिए मुकाबले से जुड़े सभी बड़े समीकरण।

AFC U20 Asian Cup

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 5, 2026

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AFC U20 Asian Cup :भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम के पास अपने करीब दो दशक पुराने लंबे इंतजार को पूरी तरह खत्म करने का एक ऐतिहासिक और शानदार मौका आ गया है। भारतीय टीम रविवार को एएफसी अंडर-20 एशियन कप क्वालीफायर के तहत बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत के लिए इस पूरे अभियान का आखिरी और सबसे अहम मैच होने वाला है। दोनों पड़ोसी टीमों के बीच यह कड़ी टक्कर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद स्थित आधुनिक दोस्तलिक स्टेडियम में खेली जाएगी, जिस पर देश भर के खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं।

2006 के बाद बड़े मंच पर वापसी की उम्मीद

भारतीय फुटबॉल टीम ने आखिरी बार वर्ष 2006 में एएफसी अंडर-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। उस समय भारत ही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का मेजबान देश था। इसके बाद से लेकर अब तक भारतीय टीम इस मुख्य टूर्नामेंट के लिए कभी भी क्वालीफाई नहीं कर सकी। अब मौजूदा युवा फुटबॉल टीम के पास एक बार फिर से एशिया के इस सबसे बड़े मंच पर अपनी धाक जमाने का सुनहरा अवसर है। हालांकि, इसके लिए उसे बांग्लादेश के खिलाफ हर हाल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

सीरिया के खिलाफ भारत ने की थी शानदार शुरुआत

भारतीय युवा टीम ने इस बार अपने क्वालीफायर अभियान की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की थी। टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में भारत ने मजबूत सीरियाई टीम को 1-0 के करीबी अंतर से करारी शिकस्त दी थी। इस रोमांचक मुकाबले का निर्णायक और ऐतिहासिक गोल मैच के बिल्कुल आखिरी मिनटों में युवा खिलाड़ी शमी सिंगामयुम ने दागा था। उनके इस बेहतरीन गोल ने भारत की झोली में तीन बहुमूल्य अंक डाले और टीम की क्वालीफिकेशन की उम्मीदों को काफी मजबूत कर दिया था।

उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिली थी करारी हार

हालांकि, टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को मेजबान देश उज्बेकिस्तान के खिलाफ एक बड़ी और निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। उज्बेकिस्तान की मजबूत टीम ने भारत को 4-0 से रौंदकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस कड़े परिणाम के बाद अब भारतीय टीम के पास कुल तीन अंक हैं। अब बांग्लादेश के खिलाफ होने वाला यह आगामी मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा बन गया है, क्योंकि कोई भी छोटी सी चूक उसकी राह को हमेशा के लिए बेहद मुश्किल बना सकती है।

बांग्लादेश को कमजोर आंकने की नहीं होगी भूल

अंक तालिका के ग्रुप में बांग्लादेश की टीम फिलहाल सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है। वह अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है, जिसमें उसे उज्बेकिस्तान ने 2-0 और सीरिया ने 3-0 से हराया था। इसके बावजूद भारतीय टीम अपने इस पड़ोसी प्रतिद्वंद्वी को किसी भी हाल में कमजोर आंकने की भूल नहीं करना चाहेगी। इसी साल संपन्न हुई SAFF चैंपियनशिप के फाइनल मैच में बांग्लादेश ने पेनल्टी शूटआउट में भारत को हराया था, इसलिए भारतीय टीम मानसिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर पूरी तरह सतर्क है।

जीत के साथ पूरे हो जाएंगे छह अंक

क्वालीफिकेशन के वर्तमान समीकरणों पर गौर करें तो भारत के लिए बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज करना सबसे जरूरी है। यदि भारतीय टीम यह मुकाबला जीत जाती है, तो उसके कुल छह अंक हो जाएंगे और वह ग्रुप में दूसरे स्थान की दौड़ में मजबूती से बनी रहेगी। वहीं, यदि मुकाबला बराबरी पर छूटता है, तब भी भारत के पास दूसरे स्थान पर पहुंचने का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए उसे अन्य मुकाबले के परिणाम का इंतजार करना होगा।

सीरिया और उज्बेकिस्तान के मैच पर भी नजर

ग्रुप के दूसरे अहम मुकाबले में सीरिया और उज्बेकिस्तान की टीमें आपस में भिड़ंत करेंगी। यह मैच शाम के वक्त खेला जाएगा। भारतीय खेमे की पूरी कोशिश होगी कि सीरिया इस मुकाबले में जीत हासिल न कर सके। क्वालीफिकेशन की अंतिम तस्वीर तय करने में इस मैच का परिणाम बेहद अहम भूमिका निभाने वाला है। इसलिए भारतीय टीम अपने खुद के प्रदर्शन के अलावा इस दूसरे मुकाबले के नतीजे पर भी अपनी पैनी नजर गड़ाए रखेगी।

चीन में होने वाले एशियन कप का टिकट

अगले साल चीन देश में आयोजित होने वाले एएफसी अंडर-20 एशियन कप के लिए क्वालीफिकेशन की उम्मीदें अभी भी पूरी तरह से जिंदा हैं। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली कुल आठ टीमों में से सात सर्वश्रेष्ठ टीमें मुख्य टूर्नामेंट के लिए आसानी से क्वालीफाई करेंगी। यही विशेष नियम भारत की उम्मीदों को मजबूत आधार देता है। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ एक बड़ी जीत टीम के लिए बेहद मील का पत्थर साबित हो सकती है।

कोच महेश गावली ने ली पिछली हार से सीख

भारतीय अंडर-20 टीम के मुख्य कोच महेश गावली ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिली पिछली हार से सबक लेकर आगे बढ़ने की बात कही है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और मानसिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए जिम और पूल का सहारा लिया। इसके बाद मैदान पर जमकर पसीना बहाया। टीम मैनेजमेंट का मुख्य लक्ष्य खिलाड़ियों को हर लिहाज से तरोताजा और मैदान पर पूरी तरह केंद्रित रखना है।

डैनी मीतेई को अपनी टीम पर पूरा भरोसा

स्टार मिडफील्डर डैनी मीतेई ने मुकाबले से पहले टीम के भीतर जबरदस्त आत्मविश्वास होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों का मनोबल बहुत ऊंचा है और वे देश के लिए अपना सौ प्रतिशत देने को तैयार हैं। रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले इस निर्णायक मैच में भारतीय युवा खिलाड़ी मैदान पर इतिहास रचने उतरेंगे।

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