Adobe CEO का बड़ा फैसला, दिया इस्तीफा, बोर्ड चेयरमैन के रूप में जारी रखेंगे सेवा

दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी Adobe में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से कंपनी का नेतृत्व कर रहे शांतनु नारायण ने CEO पद छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि वह पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं होंगे और बोर्ड चेयरमैन के रूप में नई जिम्मेदारी निभाते हुए आने वाले नेतृत्व को मार्गदर्शन देंगे।

बोर्ड चेयरमैन के रूप में जारी रखेंगे सेवा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 13, 2026

Adobe CEO: टेक जगत की दिग्गज कंपनी Adobe Inc. से एक युग के अंत की खबर सामने आई है। लगभग दो दशकों तक कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले भारतीय मूल के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। नारायण ने स्पष्ट किया है कि वे नए उत्तराधिकारी के चयन तक पद पर बने रहेंगे, जिसके बाद वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारी सौंप देंगे।

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इस्तीफे के बाद की भूमिका और बाजार पर प्रभाव

शांतनु नारायण के इस फैसले ने वित्तीय बाजार और सिलिकॉन वैली में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, एडोब के निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि नारायण पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं हो रहे हैं। वे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे, ताकि नए सीईओ को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके और कंपनी के विजन में निरंतरता बनी रहे।

हैदराबाद से सिलिकॉन वैली तक का सफर

शांतनु नारायण की सफलता की कहानी भारत के हैदराबाद शहर से शुरू होती है। 27 मई 1963 को जन्मे नारायण एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

  • प्रारंभिक शिक्षा: हैदराबाद से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
  • उच्च शिक्षा: वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहाँ उन्होंने कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (बर्कले) से MBA की डिग्री हासिल की।

अनुभवों का भंडार: एप्पल से एडोब तक

अनुभवों का भंडार: एप्पल से एडोब तक
अनुभवों का भंडार: एप्पल से एडोब तक

एडोब के शीर्ष पद पर पहुँचने से पहले नारायण ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया:

  1. Apple: उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में एप्पल की प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीम में योगदान दिया।
  2. Silicon Graphics: यहाँ भी उन्होंने तकनीकी बारीकियों को समझा।
  3. Pictra: उन्होंने डिजिटल फोटो शेयरिंग स्टार्टअप ‘पिक्ट्रा’ की सह-स्थापना भी की थी, जो उनके विजनरी होने का प्रमाण था।

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एडोब में स्वर्णिम कार्यकाल (1998-2026)

नारायण 1998 में एक वाइस प्रेसिडेंट के रूप में एडोब से जुड़े थे। उनकी मेहनत और रणनीतिक कौशल के कारण 2005 में उन्हें COO बनाया गया और दिसंबर 2007 में उन्होंने CEO की कमान संभाली। उनके 18 साल के नेतृत्व में एडोब ने फोटोशॉप और एक्रोबैट जैसे सॉफ्टवेयर से आगे बढ़कर क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल मार्केटिंग में वैश्विक प्रभुत्व स्थापित किया।

सैलरी और नेटवर्थ: दुनिया के सबसे महंगे CEO में शुमार

शांतनु नारायण की गिनती दुनिया के सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारियों में होती है।

  • सालाना आय: रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में उनका कुल पैकेज लगभग 51 मिलियन डॉलर (420 करोड़ रुपये से अधिक) रहा। इसमें स्टॉक ऑप्शंस और बोनस का बड़ा हिस्सा शामिल है।
  • कुल संपत्ति: हुरुन रिच लिस्ट 2025 के आंकड़ों के अनुसार, उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 4,670 करोड़ रुपये आंकी गई है।