प्रशासनिक सुधारों से विकास की रफ्तार: बिहार-त्रिपुरा ने साझा किए अनुभव

पटना बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को त्रिपुरा सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमों में ढील और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक और संवाद आयोजित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक सुधार, सरल नीतियों के निर्माण और उद्योगों को बढ़ावा देने के सफल तरीकों को साझा करना था। बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव साझा करना

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Published On :

जनवरी 9, 2026

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पटना

बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को त्रिपुरा सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमों में ढील और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक और संवाद आयोजित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक सुधार, सरल नीतियों के निर्माण और उद्योगों को बढ़ावा देने के सफल तरीकों को साझा करना था।

बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव साझा करना बिहार के समग्र विकास और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी है। त्रिपुरा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने विस्तार से बताया कि कैसे पुराने और जटिल नियमों में बदलाव कर निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है। उन्होंने समझाया कि अनुमति की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, एक ही जगह से सभी स्वीकृतियां देने की व्यवस्था लागू की गई है और नीतियों में सुधार किए गए हैं।

बैठक में भूमि और श्रम से जुड़े सुधारों, उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता, श्रम कानूनों को सरल बनाने, जांच व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीकृत प्रणाली अपनाने, तथा बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए बिना रुकावट अनुमति देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार आत्मनिर्भर बिहार और औद्योगिक विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। त्रिपुरा में किए गए नीतिगत सुधारों का अध्ययन कर बिहार अपनी औद्योगिक नीति को और अधिक आकर्षक बनाने पर विचार करेगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों और औपचारिकताओं का बोझ कम होने से सरकारी कामों में देरी खत्म होगी और सुशासन को मजबूती मिलेगी।

बैठक में युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग की भागीदारी यह दिखाती है कि सरकार का उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं है, बल्कि बिहार के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित और सक्षम बनाना भी है।

इस अवसर पर त्रिपुरा सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य सचिव किरण गिट्टे, शहरी विकास सचिव अभिषेक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं बिहार सरकार की ओर से गृह रक्षा वाहिनी के महानिदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव, नगर विकास, उद्योग, ऊर्जा और श्रम संसाधन विभाग के सचिव तथा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं वित्त विभाग, बिहार की ओर से दी गई।

 

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